सीतापुर। सस्ते दाम पर नीलामी का सोना दिलाने और कटे-फटे नोट बदलवाने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने खुद को बैंक मैनेजर और आयकर निरीक्षक बताकर लोगों का भरोसा जीता और करीब 27 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 14 लाख रुपये नकद, करीब छह लाख रुपये के आभूषण, फर्जी पहचान पत्र और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, कन्नौज निवासी रोहित बाजपेयी और उसकी पत्नी अन्नू बाजपेयी उर्फ चंद्रा ने मई में सीतापुर में रेकी की थी। इसके बाद 31 अगस्त को दोनों प्रेमनगर में रामनरेश जायसवाल के मकान में किराये पर रहने लगे। रोहित ने खुद को पीएनबी मिश्रिख शाखा का प्रबंधक बताया, जबकि उसकी पत्नी ने आयकर निरीक्षक के तौर पर अपनी पहचान बताई। दोनों ने लोगों के सामने फर्जी पहचान पत्र भी पेश किए।
पुलिस के अनुसार, दंपती ने रामनरेश जायसवाल को अपने जाल में फंसाकर नीलामी में मिलने वाला सोना सस्ते में दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ले लिए। इसके अलावा कटे-फटे नोट बदलने के बहाने उनसे दो लाख रुपये और लिए गए। आरोपितों ने प्रेमलता बाजपेयी से एक लाख रुपये और लांड्री संचालक अतुल से चार लाख रुपये की रकम भी ठगी।
वारदात के बाद 14 सितंबर को दोनों कार से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित आगरा, कोटा, बैतूल और चेन्नई में अलग-अलग वाहन बदलकर ठिकाने बदलते रहे। ठगी की रकम से उन्होंने करीब छह लाख रुपये के आभूषण खरीदे। इसके अलावा 50 हजार रुपये की कीमत के दो मोबाइल फोन भी खरीदे गए।
पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपितों ने वर्ष 2005 से ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, दंपती अलग-अलग राज्यों में जाकर लोगों को अपने झांसे में लेते थे और फिर रकम लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस टीम की कार्रवाई के लिए 25 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की गई है।

