‘ZERO’ रोड टैक्स और नई गाड़ी पर 8% तक छूट: पुराने ट्रक-बस मालिकों के लिए सरकार की बड़ी तैयारी

पूजा भट्ट

देश में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, परिवहन क्षेत्र को आधुनिक बनाने और पुराने कमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार वाहन स्क्रैपेज नीति को और प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पुराने ट्रक और बसों को अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर जमा करने वाले वाहन मालिकों को नई कमर्शियल गाड़ी खरीदते समय कई तरह के आर्थिक लाभ दिए जा सकते हैं।

इनमें रोड टैक्स में बड़ी राहत और कुछ मामलों में ‘ZERO’ रोड टैक्स के साथ नई गाड़ी की खरीद पर 8 प्रतिशत तक की छूट शामिल हो सकती है। सरकार का मानना है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे कमर्शियल वाहन अब भी संचालित हो रहे हैं जो अपनी तय आयु पूरी कर चुके हैं या आधुनिक उत्सर्जन मानकों के मुकाबले अधिक प्रदूषण फैलाते हैं। ऐसे वाहन न केवल पर्यावरण पर दबाव बढ़ाते हैं बल्कि ईंधन की अधिक खपत और बढ़ते रखरखाव खर्च के कारण परिवहन कारोबारियों के लिए आर्थिक बोझ भी बनते हैं।

नई व्यवस्था का उद्देश्य वाहन मालिकों को स्वेच्छा से पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि उनकी जगह अधिक सुरक्षित, बेहतर माइलेज वाले और कम उत्सर्जन करने वाले नए वाहन सड़क पर उतर सकें। इससे सड़क सुरक्षा में सुधार, ईंधन दक्षता में वृद्धि और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की लागत कम होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रोड टैक्स में छूट और वाहन खरीद पर अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है, तो ट्रांसपोर्ट कंपनियों और छोटे वाहन मालिकों दोनों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है। इसके साथ ही वाहन निर्माण उद्योग को भी नई मांग मिलने की संभावना है, जिससे उत्पादन और रोजगार पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

हालांकि इस योजना से जुड़ी अंतिम पात्रता, छूट की सीमा, लागू होने की प्रक्रिया और राज्यों की भूमिका संबंधित सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन संकेत यही हैं कि आने वाले समय में पुराने कमर्शियल वाहन मालिकों के लिए नई गाड़ी खरीदना पहले की तुलना में अधिक किफायती बनाया जा सकता है।

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