आयुषी
उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार जल्द ही बंजी जंपिंग से जुड़ी नई सुरक्षा नियमावली लागू करने जा रही है। प्रस्तावित गाइडलाइन के तहत अब 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बंजी जंपिंग करने से पहले मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार अगले एक महीने के भीतर इन नए नियमों को लागू कर सकती है।उत्तराखंड के ऋषिकेश, तपोवन और देवप्रयाग जैसे क्षेत्र एडवेंचर स्पोर्ट्स, खासकर बंजी जंपिंग के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। हर साल हजारों पर्यटक यहां रोमांचक गतिविधियों का अनुभव लेने पहुंचते हैं। हालांकि हाल के दिनों में सामने आए कुछ गंभीर हादसों ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन्हीं घटनाओं को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने का फैसला लिया है।पर्यटन सचिव धीरज गबर्याल ने बताया कि उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड द्वारा नई गाइडलाइंस और नियमावली तैयार की जा रही है। इसके लिए देश और विदेश के विशेषज्ञों के साथ-साथ एडवेंचर सेक्टर से जुड़े विभिन्न हितधारकों से भी सुझाव लिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य एडवेंचर गतिविधियों को सख्त कानूनी और सुरक्षा मानकों के दायरे में लाना है ताकि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।नई नियमावली की जरूरत हाल के कुछ हादसों के बाद और अधिक महसूस की गई।
पिछले वर्ष 12 नवंबर 2025 को ऋषिकेश के शिवपुरी स्थित एक एडवेंचर पार्क में बंजी जंपिंग के दौरान सुरक्षा रस्सी टूटने से गुरुग्राम का 24 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। युवक नीचे स्थित टिन की छत पर जा गिरा था। इस घटना ने बंजी कॉर्ड की गुणवत्ता और उसकी नियमित जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।वहीं, गत 15 जून को बंजी जंपिंग करने के कुछ समय बाद एक युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसे पेट में तेज दर्द और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। हालांकि परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम नहीं कराए जाने के कारण मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि बंजी जंपिंग के दौरान शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन का स्तर तेजी से बढ़ जाता है और शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे कुछ मामलों में हृदय और अन्य आंतरिक अंग प्रभावित हो सकते हैं।
नई गाइडलाइन में स्वास्थ्य संबंधी प्रावधानों को विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को बंजी जंपिंग से दूर रहने की सलाह दी जाएगी। साथ ही 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा गया है। बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के उन्हें जंपिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।इसके अलावा बंजी जंपिंग संचालित करने वाली कंपनियों के लिए भी कई सख्त सुरक्षा मानक तय किए जाएंगे। ऑपरेटरों को अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली प्राकृतिक रबर बंजी कॉर्ड का उपयोग करना होगा और निर्धारित समयावधि के बाद उसे बदलना अनिवार्य होगा। प्रतिभागियों को पैरों के साथ पूरे शरीर पर डबल हार्नेस सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध करानी होगी। जंप से पहले कम से कम दो से तीन प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा ट्रिपल-चेक प्रक्रिया अपनाना भी जरूरी होगा।सरकार का मानना है कि नई नियमावली लागू होने के बाद उत्तराखंड में एडवेंचर टूरिज्म पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होगा। इससे पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और राज्य का एडवेंचर सेक्टर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप विकसित हो सकेगा।

