बरेली। साइबर ठगों ने सोलर पैनल उपलब्ध कराने के नाम पर 17.33 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपितों ने गुजरात की एक कंपनी का कर्मचारी बनकर पीड़ित को झांसे में लिया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करा ली। ठगी का एहसास होने के बाद पीड़ित ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
कैंट के ठिरिया निजावत खां निवासी नवी खान ने पुलिस को बताया कि वह सोलर पैनल लगाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकृत वेंडर हैं। कुछ दिन पहले गुजरात की कंपनी सनरूट सोलर एनर्जी सोल्यूशन के मुंबई कार्यालय से कुछ लोगों ने उनसे संपर्क किया। आरोप है कि उन्होंने सोलर पैनल उपलब्ध कराने की बात कही।
इसके बाद समद शेख, आयुष और राम्या नाम की महिला ने नवी खान से बातचीत की और खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया। आरोप है कि 18 मई को आरोपितों ने उन्हें अपने झांसे में लेकर अलग-अलग बैंक खातों में 17.33 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। रकम लेने के बाद भी सोलर पैनल की आपूर्ति नहीं की गई।
पीड़ित के अनुसार, जब वह कंपनी के बताए कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। कार्यालय के दरवाजे पर बाउंसर तैनात थे, जिन्होंने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। इसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
क्योलड़िया थाने में तैनात सिपाही विकास कुमार भी साइबर ठगी का शिकार हो गए। मेरठ निवासी विकास कुमार वर्तमान में क्योलड़िया थाने में तैनात हैं। आरोप है कि साइबर ठगों ने उन्हें शेयर मार्केट में ट्रेडिंग का झांसा देकर 7.85 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले में पुलिस कार्रवाई की जा रही है।

