14 साल बाद गोंडा से दबोचा गया शातिर लुटेरा, कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर बड़ी कामयाबी हासिल की है। आरोपी को उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से पकड़ा गया, जो कई राज्यों में लूट और डकैती की वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन प्रसाद पर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब में करीब 20 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी पिछले कई वर्षों से पहचान छिपाकर अलग-अलग जगहों पर रह रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहता था। वर्ष 2012 के बाद से वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। जांच के दौरान उसका नाम दिल्ली के पंजाबी बाग और मोती नगर सहित पंजाब के लुधियाना में हुई कई बड़ी वारदातों में सामने आया था।

अपराध शाखा को हाल ही में उसके गोंडा में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए 11 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपने घर-परिवार से दूरी बना ली थी और पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अदालत ने उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर रखा था।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाता था। यह गिरोह वारदात को अंजाम देने से पहले घरों की रेकी करता था। इसके लिए गैंग के सदस्य किसी नाबालिग को घरेलू मदद के रूप में घर में लगवाते थे, ताकि अंदर की पूरी जानकारी जुटाई जा सके। इसके बाद रात के समय वारदात को अंजाम दिया जाता था।

लूटे गए जेवरात और कीमती सामान को गैंग का एक सदस्य, जो पेशे से सुनार है, बाजार में खपाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने साल 2012 में दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके में एक घर से बड़ी मात्रा में सोना लूटा था। इसके अलावा 2016 में मोती नगर में लाखों रुपये के गहने और हथियार लूटे गए थे। वहीं 2018 में पंजाब के लुधियाना में नकदी और भारी मात्रा में सोने की लूट की घटना को भी इसी गिरोह ने अंजाम दिया था।

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