बारिश की राहत खत्म, फिर झुलसाने लगी गर्मी

आयुषी

कुछ दिन पहले तक बारिश, तेज आंधी और बादलों की आवाजाही ने उत्तराखंड के लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी थी। लोगों को लगने लगा था कि इस बार जून की तपिश शायद कुछ नरम रहेगी। लेकिन मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बीते तीन दिनों से प्रदेशभर में गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। हालात यह हैं कि मैदानों के साथ-साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है और दिन के समय घर से बाहर निकलना चुनौती बनता जा रहा है।चटक धूप, गर्म हवाएं और लगातार बढ़ता तापमान लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है। सुबह आठ बजे के बाद ही धूप का असर महसूस होने लगता है और दोपहर तक सड़कें लगभग सुनसान दिखाई देने लगती हैं। शाम ढलने के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही।

पिछले सप्ताह हुई बारिश और आंधी-तूफान ने पूरे प्रदेश को गर्मी से राहत दी थी। कई दिनों तक मौसम सुहावना बना रहा और तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। लेकिन रविवार से आसमान साफ होते ही गर्मी ने फिर अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया।मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बादलों की कमी और लगातार साफ मौसम के कारण सूर्य की किरणें सीधे धरती तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। यही कारण है कि पिछले तीन दिनों से प्रदेशभर में गर्मी लगातार बढ़ रही है।सबसे ज्यादा परेशानी दोपहर के समय देखने को मिल रही है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक गर्म हवाओं का असर इतना अधिक है कि लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं।बाजारों में भी दोपहर के समय भीड़ कम दिखाई दे रही है। दफ्तरों से आने-जाने वाले कर्मचारी, डिलीवरी कर्मी, रिक्शा चालक, निर्माण कार्यों में लगे मजदूर और ट्रैफिक पुलिसकर्मी इस बढ़ती गर्मी का सबसे ज्यादा सामना कर रहे हैं।देहरादून के कई इलाकों में लोगों ने बताया कि पिछले सप्ताह की तुलना में गर्मी का असर अचानक बढ़ गया है और दिनभर कूलर-पंखों के बावजूद राहत महसूस नहीं हो रही।उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में आमतौर पर गर्मियों के दौरान मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है, लेकिन इस बार पहाड़ भी गर्मी की चपेट में आते दिखाई दे रहे हैं।

उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह और शाम की ठंडक अब पहले जैसी महसूस नहीं हो रही और दिन के समय धूप काफी तेज हो गई है।पर्यटन स्थलों पर पहुंचे कई पर्यटकों को भी इस बार उम्मीद के मुताबिक ठंडा मौसम नहीं मिल पा रहा है।मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि देहरादून का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रहा।तापमान के ये आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि प्रदेश में गर्मी का दौर अभी कमजोर पड़ने वाला नहीं है।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में विशेष गिरावट देखने को नहीं मिलेगी।हालांकि उत्तरकाशी, टिहरी और देहरादून के ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन इससे व्यापक स्तर पर गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं हुआ तो तापमान में और बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है|स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है

उत्तराखंड में गर्मी का यह दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा। मौसम विभाग के संकेत बताते हैं कि आने वाले कुछ दिनों तक लोगों को तेज धूप, गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान का सामना करना पड़ सकता है।बारिश के बाद मिली राहत अब बीते दिनों की बात बन चुकी है और उत्तराखंड एक बार फिर जून की तपती गर्मी की गिरफ्त में आ गया है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने के साथ-साथ मौसम के अनुसार अपनी दिनचर्या को ढालना होगा, क्योंकि फिलहाल आसमान से राहत बरसने के संकेत बहुत कम दिखाई दे रहे हैं।

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