Category: ब्लॉग

शक्तिमान से लेकर रामायण तक, एक से बढ़कर एक कहानियाँ जिसने दूरदर्शन को बनाया ख़ास

66 Years of Doordarshan: दूरदर्शन से जुड़ी हुई यादे कितनी पुरानी हो सकती है, 80’s-90’s का वो समय जब छत पर एंटीना हुआ करता और एक उसे ख़राब मौसम के बाद ठीक करने जाता। अब वो सब तो देखने को नहीं मिलता क्योंकि वो समय अब यादों में रह गया हैं। आज दूरदर्शन 66 साल […]

UPI के नए नियम 15 सितंबर से हुए लागू, अब बड़े ट्रांजैक्शन करना हुआ आसान

UPI New Rules Start Today: आजकल एक रूपए का लेन देन हो या फिर लाखों का, हर कोई यूपीआई का इस्तमाल करता हुए नज़र आता हैं। इसी बीच अगर कोई बड़ा बदलाव होता है, तो हर कोई उसपर नजर बनाए रखता हैं। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों यूज़र्स के लिए एक […]

हिंदी दिवस विशेष: हिंदी अभिव्यक्ति का माध्यम, मात्रभाषा और एक उम्मीद

Hindi Diwas Special: हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों लोगों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। आज यानी 14 सितम्बर को हर साल हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हिन्दी हम बचपन से पढ़ते आए हैं, और हम में से कई लोगों का यह पसंदीदा विषय भी रहा है। सबसे अधिक अंक अगर किसी विषय में […]

कौन हैं वह कवियत्री जिसे छायावाद युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक माना जाता है?

अपने विषय में कुछ कहना पड़े बहुत कठिन हो जाता है क्योंकि अपने दोष देखना आपको अप्रिय लगता है, और उनको अनदेखा करना औरों को, युगों से पुरुष स्त्री को उसकी शक्ति के लिए नहीं, सहनशक्ति के लिए ही दण्ड देता आ रहा है, मुझे तो उस लहर की सी मृत्यु चाहिए जो तट पर […]

क्या ये बॉलीवुड फिल्मों के गाने हैं या सस्ता मनोरंजन, देखिए लिस्ट आप भी हो जाएंगे हैरान

हमारा भारत देश फिल्म इंडस्ट्री के लिहाज से बहुत विविध है और यहाँ कई तरह की फिल्में बनाई जाती हैं। बॉलीवुड, जो देश की सबसे बड़ी फिल्म इंडस्ट्री है, हर साल यहाँ सैकड़ों फिल्में रिलीज़ होती हैं। इन फिल्मों में अलग-अलग शैलियों जैसे रोमांस, एक्शन, कॉमेडी, थ्रिलर और ड्रामा की भरमार रहती है। आजकल देखा […]

कौन थे जिसने अपना जीवन पहाड़ो को किया समर्पित और कहा “क्या हैं जंगल के उपकार, मिट्टी, पानी और बयार”

‘जंगल की जिंदा पैदावार ऑक्सीजन है यानि प्राणवायु, फिर उसके बाद पानी है, फिर उसके बाद मिट्टी है, फिर उसके बाद खाना है, फिर उसके बाद पशुओं के लिए चारा हैं, फिर उसके बाद कपड़ा है, फिर उसके बाद औषधि है, फिर छाया है, यह सब जंगल की जिंदा पैदावार है और जब पेड़ मर […]

हर जीवन है अनमोल, यही सिखाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस

World Suicide Prevention Day: विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस (World Suicide Prevention Day) हर साल 10 सितंबर को मनाया जाता है, जो हमें जीवन में हो रहे गंभीर बदलावों और मानसिक स्वास्थ्य पर उनके प्रभाव को समझने का अवसर देता है। साल 2024 से 2026 तक इसकी थीम “Changing the Narrative on Suicide” यानी आत्महत्या को […]

अनोखेपन का जश्न है वंडरफुल वीर्डोज़ डे, जाने क्या कुछ हटके करे आज

मानव सभ्यता की शुरुआत से ही ऐसे लोग रहे हैं जो भीड़ से अलग दिखते हैं। थोड़ा हटकर सोचना, अलग अंदाज़ में जीना और सामान्य से अलग रहना ही उन्हें ‘वीर्डो’ बनाता है। हालांकि हर दौर में इन्हें सराहा नहीं गया। लेकिन सन 2000 में अमेरिका के टेक्सास राज्य के ऑस्टिन शहर के कुछ नागरिकों […]

खुद के लिए समय चुराना भी है एक कला, जाने कैसे व्यस्त रहकर भी चुने खुद को

आज की तेज़ रफ़्तार ज़िंदगी में हर कोई इतना व्यस्त है कि खुद के लिए समय निकाल पाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन सच तो यह है कि खुद के लिए कुछ पल चुराना भी एक कला है। अगर आप ऑफिस और काम की भागदौड़ के बीच सुकून की तलाश में हैं, और कहीं दूर […]

भारतीय पत्रकारिता को क्यों मिला विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक में 151वाँ स्थान

भारत, जहाँ पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है, वहाँ आज पत्रकारिता अपने अस्तित्व और वर्चस्व के लिए जूझ रही है। हर साल रिपोर्टर्स विदआउट बॉर्डर्स (RSF) द्वारा विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक जारी किया जाता है। इस साल भी 2 मई को RSF की रिपोर्ट सामने आई, जिसमें भारत को 151वाँ स्थान मिला […]

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