एक टक्कर, तलवारें और 4 घंटे का जाम कर्णप्रयाग में मचा बवाल!

आयुषी

उत्तराखंड में चल रही हेमकुंड साहिब यात्रा के बीच मंगलवार को कर्णप्रयाग में एक मामूली सड़क दुर्घटना ने हिंसक रूप ले लिया। हेमकुंड साहिब से लौट रहे कुछ सिख युवकों और स्थानीय लोगों के बीच हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और नाराज लोगों ने बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। जानकारी के अनुसार,मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कर्णप्रयाग के कर्ण मंदिर क्षेत्र में स्थानीय व्यापारी प्रकाश रावत सड़क पार कर रहे थे| इसी दौरान हेमकुंड साहिब से लौट रहे युवकों के दोपहिया वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी|

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन चलाने को लेकर हुई सामान्य बहस जल्द ही तीखी नोकझोंक में बदल गई।बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर कुछ युवकों ने धारदार हथियार निकाल लिए और स्थानीय लोगों पर हमला कर दिया| इस दौरान बीच बचाव करने पहुंचे अन्य लोग भी झड़प की चपेट में आ गए|घटना में कुल सात लोग घायल हुए , जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है| घटना में घायल प्रकाश रावत की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें हेलीकॉप्टर एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया। वहीं एक अन्य गंभीर घायल को श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस की हिरासत में लिए गए एक घायल युवक का भी उपचार चिकित्सकीय निगरानी में चल रहा है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए दो युवकों को घटनास्थल से तथा दो अन्य को गौचर की ओर जाते समय हिरासत में ले लिया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। नाराज लोगों ने पंचपुलिया चौराहे पर एकत्र होकर बदरीनाथ हाईवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने यात्रा के दौरान हथियार लेकर आने वालों पर सख्त कार्रवाई, दोपहिया वाहनों के नियमन तथा आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।जाम के चलते बदरीनाथ हाईवे के साथ-साथ नगर की आंतरिक सड़कें और अन्य संपर्क मार्ग भी प्रभावित हुए। दोपहर की तेज गर्मी में हजारों यात्री और स्थानीय लोग घंटों तक वाहनों में फंसे रहे।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि एंबुलेंस को भी रास्ता दिलाने के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासन के आश्वासन के बाद करीब चार घंटे बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात सामान्य हो सका।हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान हुई इस घटना ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था, हथियारों के साथ आवाजाही और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यात्रा के दौरान नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी है।

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