दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था बहुस्तरीय धर्मांतरण गिरोह, सात राज्यों की युवतियाँ फँसी जाल में

बरेली : देशभर में अवैध धर्मांतरण के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने दिल्ली से लेकर झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक अपना जाल फैला रखा था। दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड निकला है, जिसने सात राज्यों की दर्जनों युवतियों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्मांतरण कराया।

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि धर्मांतरण के बाद कुछ युवतियों को गिरोह का हिस्सा बना दिया गया, जो देश के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करती थीं। गिरोह के तरीकों और संपर्क स्रोतों को लेकर जांच जारी है।

10 गिरफ्तार, दिल्ली में था मुख्य अड्डा

इस गिरोह की गिरफ्त में आईं सदर क्षेत्र की दो बहनों के अपहरण मामले की जांच से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने अब तक कोलकाता और अन्य राज्यों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गोवा निवासी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद निवासी अब्दुल रहमान का नाम सामने आया।

इसके बाद पुलिस ने रहमान को गिरफ्तार किया और फिर उसके बेटे अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और चेले जुनैद कुरैशी को भी दबोच लिया। तीनों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

धर्मांतरण के बाद निकाह, फिर नेटवर्क में शामिल

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान ने कई युवतियों को पहले मानसिक रूप से प्रभावित कर दिल्ली बुलाया, फिर हॉस्टल में ठहराया जाता था। इसके बाद अपने घर बुलाकर इस्लाम की शिक्षा दी जाती थी, कलमा पढ़वाया जाता था, और अंततः निकाह करा दिया जाता था।

उत्तराखंड की दो युवतियों ने तो अब गिरोह के लिए ही काम करना शुरू कर दिया है। ये युवतियाँ कॉलेज में पढ़ने वाली अन्य युवतियों को इस्लाम के बारे में बताती हैं और जो तैयार होती हैं, उन्हें गिरोह के अन्य सदस्य संपर्क कर दिल्ली बुला लेते हैं।

मौलाना कलीम सिद्दीकी का शागिर्द निकला रहमान

अब्दुल रहमान पर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम करने का आरोप है। कलीम के जेल जाने के बाद गिरोह की पूरी कमान रहमान ने संभाल ली थी। पुलिस का कहना है कि उसके मोबाइल फोन से कई युवतियों की जानकारियाँ और संपर्क नंबर मिले हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि धर्मांतरण गतिविधियों के लिए फंडिंग अलग-अलग स्रोतों से की जाती थी। रहमान के बेटे जूतों का व्यापार दिखाकर इस अवैध काम को छुपाते थे। घर में आने वाली हर युवती का धर्मांतरण कराया जाता था।

पुलिस जुटा रही अन्य राज्यों से जानकारी

पुलिस की टीमों ने महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित यूपी के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली और गाजियाबाद की युवतियों और उनके परिवारों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। अन्य मामलों में जल्द खुलासे की संभावना है।

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