पूजा भट्ट
देशभर में एटीएम सेवाएं नई चुनौती का सामना कर रही हैं। हाल ही में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कई इलाको में एटीएम मशीनों में नकदी की कमी देखी जा रही है जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
एटीएम इंडस्ट्री से जुड़े संगठन से जुड़े सगठन CATMI ने इंडियन बैंक्स एसोसिएशन को भेजे पत्र में इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि मशीनों में भरने के लिए पर्याप्त कैश उपलब्ध नहीं है, खासकर ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों में स्थिती ज्यादा गभीर हो सकती है, जहां एटीएम ही नकदी का मुख्य स्रोत होते हैं।
रिपोर्टस के मुताबिक, इस समस्या की जानकारी रिजर्व बैंक के करेंसी मेनेजमेंट विभाग को भी दे दी गई है। एसे में आने वाले समय में एटीएम सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। दूसरी तरफ एटीएम इंडस्ट्री पहले से ही कई दबावे में है। ट्रांजैक्शन की संख्या घट रही है। दूसरे बैंक के एटीएम से पैसे निकालने पर लगने वाली फिस अभी नी इंडस्ट्री के खर्चे के मुकाबले कम मानी जा रही है। इसके अलावा बढती ईंधन कीमतें और कुछ राज्यों में सैलरी बदलाव जैसे कारक भी इस सेक्टर पर असर डाल रहे है। दिलचस्प बात ये है कि जहां
एक और एटीएम से होने वाले ट्रांजेक्शन में गिरावट आई है वही देश में कुल कैश सर्कुलेश्न बढ़ा है। इसका एक बड़ा कारण डिजिटल पेमेंट का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल भी माना जा रहा है, जिससे लोग नकदी पर पहले जितना निर्भर नहीं रहे।
कुल मिलाकर एटीएम इंडस्ट्री एक बदलाव के दौर से गुजर रही है जहा कैश की उपलब्धता बढ़ती लागत और डिजिटल विकल्प तीनों मिलकर नई चुनौतियों को खड़ी कर रहे है।

