दिल्ली। रोहिणी स्थित सेंट्रल जेल नंबर-10 में सोमवार दोपहर एक विचाराधीन कैदी की हत्या का मामला सामने आया। मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रदीप उर्फ मोहिंदर बागड़ी के रूप में हुई है, जो बैरक नंबर-203 में न्यायिक हिरासत में बंद था।
जानकारी के मुताबिक, प्रदीप जब बैरक की तरफ लौट रहा था, तभी दो साथी कैदियों से उसकी कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि कैदियों ने जेल में मौजूद बर्तन से बनाए गए धारदार हथियार से प्रदीप की गर्दन पर वार किया। गंभीर रूप से घायल प्रदीप को बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने के बाद समयपुर बादली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। मामले में दो कैदियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने जेल परिसर से साक्ष्य जुटाए हैं। वारदात के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि धारदार हथियार जेल के भीतर कैसे तैयार किया गया और प्रतिबंधित वस्तु के तौर पर इसे रखने में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, प्रदीप का जेल में कुछ कैदियों के साथ विवाद चल रहा था। मुकेश और भोला गिरोह से जुड़े सदस्यों के साथ विवाद के पहलू की भी जांच की जा रही है। पुलिस हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।
प्रदीप करीब डेढ़ वर्ष से हत्या के एक मामले में जेल में बंद था। वह मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था और नारायणा में अपने परिवार के साथ रहता था। पुलिस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।

