पूजा भट्ट
देहरादून में बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए नगर निगम ने नई पहल शुरू की है। अब शादी समारोह, जन्मदिन पार्टियां, धार्मिक आयोजन, भंडारे और वीआईपी कार्यक्रमों के बाद उत्पन्न होने वाले कचरे के उठान और निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम की विशेष क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) संभालेगी। इसके लिए नगर निगम ने शहर को पांच जोन में विभाजित कर प्रत्येक जोन में अलग टीम गठित की है, ताकि किसी भी आयोजन के दौरान नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो। अभी तक ऐसी स्थितियों में नगर निगम को वार्डों में तैनात सफाई कर्मचारियों और वाहनों को दूसरी जगह भेजना पड़ता था, जिससे संबंधित क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो जाती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब आयोजनों और विशेष कार्यक्रमों के लिए अलग टीम काम करेगी।
नगर निगम के अनुसार, प्रत्येक क्यूआरटी टीम सुपरवाइजर की निगरानी में काम करेगी और इसमें पर्यावरण मित्रों को शामिल किया गया है। इन टीमों को अलग पहचान देने के लिए विशेष वर्दी दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर पेड़ हटाने या आपात स्थितियों से निपटने के लिए कटर मशीन समेत अन्य आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह टीमें केवल आयोजनों का कचरा नहीं उठाएंगी, बल्कि आपदा या वीआईपी कार्यक्रमों के दौरान भी त्वरित सफाई और सहयोग का काम करेंगी। निगम का उद्देश्य पुलिस और आपदा प्रबंधन की तर्ज पर स्वच्छता के क्षेत्र में भी त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित करना है।
नई व्यवस्था के तहत यदि शहर में कहीं शादी, पार्टी, धार्मिक कार्यक्रम या अन्य आयोजन हो रहा है और वहां बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होने की संभावना है, तो आयोजक नगर निगम के कंट्रोल रूम या संबंधित कार्यालय को सूचना दे सकेंगे। निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद क्यूआरटी टीम मौके पर पहुंचेगी और एक घंटे के भीतर कचरा उठाने की प्रक्रिया पूरी करेगी। नगर निगम ने छोटे आयोजनों के लिए दो हजार रुपये और बड़े आयोजनों के लिए पांच हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया है। इसके लिए टीमों को विशेष वाहन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जो मौके पर पहुंचकर रसीद जारी करने के बाद कचरा उठान का कार्य करेंगी।
नगर निगम का कहना है कि देहरादून की आबादी वर्तमान में लगभग 15 लाख तक पहुंचने का अनुमान है और इसके साथ ही शहर में प्रतिदिन निकलने वाले कचरे की मात्रा भी लगातार बढ़ रही है। फिलहाल नगर निगम रोजाना करीब 600 टन कचरे का उठान कर रहा है। महानगर में बड़ी संख्या में सामाजिक, पारिवारिक, धार्मिक और सरकारी कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनसे बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। कई मामलों में आयोजनकर्ता नगर निगम की मदद लेते हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर कचरा खुले प्लॉट, नदी-नालों या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर फेंक दिया जाता है, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है। नगर निगम का मानना है कि नई QRT व्यवस्था से आयोजनों के बाद कचरे के वैज्ञानिक और समयबद्ध निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा, शहर की नियमित सफाई व्यवस्था बनी रहेगी और देहरादून को अधिक स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलेगी।

