झज्जर। जिले के एक आवासीय शिक्षण संस्थान में नाबालिग छात्र के यौन शोषण के 11 साल पुराने मामले में अदालत ने तत्कालीन शिक्षक को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं विशेष अदालत की न्यायाधीश मोना सिंह ने दोषी शिक्षक को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना राशि जमा नहीं करने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त सश्रम कैद भुगतनी होगी। यह मामला मई 2015 का है, जब संस्थान में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने तत्कालीन शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी।
शिकायत के मुताबिक, शिक्षक लंबे समय से छात्र का यौन शोषण कर रहा था। छात्र को इस संबंध में किसी को जानकारी देने पर परीक्षा में फेल करने और संस्थान से बाहर करवाने की धमकी भी दी जाती थी।
बाद में छात्र ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने बाल कल्याण समिति और कानूनी सलाहकारों की मौजूदगी में शहर थाना झज्जर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने वर्ष 2015 में मामला दर्ज किया था। करीब 11 साल बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाते हुए तत्कालीन शिक्षक को दोषी ठहराया और उम्रकैद की सजा दी।

