देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी के प्रतिष्ठित दून मेडिकल कॉलेज में करीब 80 लाख रुपये के बड़े मेस घोटाले का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। स्वास्थ्य निदेशालय की उच्च स्तरीय कमेटी ने इस मामले की गहन जांच पूरी कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। जांच में कई स्तरों पर गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और प्रशासनिक लापरवाही उजागर हुई है, जिसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही कई जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर बड़ी गाज गिर सकती है।
करीब एक महीने पहले दून मेडिकल कॉलेज की मेस व्यवस्था में भारी वित्तीय गड़बड़ी और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य निदेशालय ने एक विशेष जांच कमेटी गठित की थी। जांच के दौरान मेस संचालन, भुगतान प्रक्रिया और बिलों की बारीकी से पड़ताल की गई। सूत्रों के मुताबिक, इस घोटाले में न केवल निचले स्तर के कर्मचारियों ने हेरफेर की, बल्कि वित्तीय नियंत्रण और निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले उच्च अधिकारियों की भूमिका भी बेहद लापरवाह और संदिग्ध पाई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. अजय आर्य ने जांच पूरी होने की पुष्टि करते हुए बताया कि सभी तथ्यों को संकलित कर विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में कई स्तरों पर नियमों के उल्लंघन और अनियमितताओं के पुख्ता प्रमाण मिले हैं।
फिलहाल शासन स्तर पर इस रिपोर्ट का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड (निलंबित) करने के साथ ही उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घोटाले के सामने आने के बाद सरकारी संस्थानों में बजट की पारदर्शिता और आंतरिक ऑडिट व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

