पूजा भट्ट
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग और पुलिस विभाग मिलकर नई पहल शुरू करने जा रहे हैं। योजना के तहत राज्य के प्रमुख तीव्र मोड़ों और दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर कॉन्वेक्स मिरर (उत्तल दर्पण) लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य चालकों को मोड़ के दूसरी ओर से आने वाले वाहनों की पहले से जानकारी देना और आमने-सामने की टक्कर के जोखिम को कम करना है।
प्रदेश के पहाड़ी मार्गों पर कई ऐसे स्थान हैं जहां तीखे मोड़ों और सीमित दृश्यता के कारण वाहन चालकों को सामने की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे हालात अक्सर दुर्घटनाओं की वजह बनते हैं। नई व्यवस्था के तहत लगाए जाने वाले कॉन्वेक्स मिरर चालक को मोड़ से पहले ही दूसरी दिशा की गतिविधियां देखने में मदद करेंगे, जिससे वे समय रहते सतर्क होकर वाहन चला सकें।
सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस और परिवहन विभाग ने विभिन्न जिलों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और ब्लैक स्पॉट्स की पहचान का काम शुरू कर दिया है। चिन्हित स्थानों पर कॉन्वेक्स मिरर लगाने के साथ-साथ अन्य सुरक्षा उपायों को भी मजबूत किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह कदम विशेष रूप से पर्वतीय जिलों में सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने में मददगार साबित होगा।
प्रदेश के कई मैदानी इलाकों में पहले से कॉन्वेक्स मिरर लगाए जा चुके हैं और वहां कम दृश्यता वाले मोड़ों पर दुर्घटनाओं में कमी देखने को मिली है। इन दर्पणों की मदद से चालक सामने की गतिविधियों का बेहतर अनुमान लगा पाते हैं, जिससे ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार में मोड़ पार करने जैसी जोखिमपूर्ण स्थितियां कम होती हैं।
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह के अनुसार, पुलिस विभाग ने सभी जिलों में ऐसे स्थानों को चिन्हित किया है जहां यह व्यवस्था लागू की जानी है। इसके लिए सड़क सुरक्षा कोष से बजट की मांग भी की गई है।

