फार्मा फर्जीवाड़ा: सहसपुर में खुलासा, युवक की पहचान का दुरुपयोग कर बेची जा रही थीं नकली दवाएं

देहरादून/सहसपुर। बिहार के एक युवक को नौकरी का झांसा देकर उसके दस्तावेज के आधार पर फर्जी दवा कंपनी खोलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सहसपुर पुलिस ने आरोपी नवीन बंसल के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी राजस्थान के भिवाड़ी का रहने वाला है और दवाओं का अवैध कारोबार करता था।

डिलीवरी बॉय की पहचान चुराकर खोली फर्जी कंपनी
बिहार के नालंदा जिले के सहोकर गांव निवासी डब्लू कुमार ने सहसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। वर्तमान में वह जोमैटो में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम कर रहा है। डब्लू कुमार ने बताया कि वर्ष 2020 में वह भिवाड़ी (राजस्थान) की एक फैक्ट्री में कार्यरत था, जहां उसकी मुलाकात नवीन बंसल नामक एक व्यक्ति से हुई। बंसल ने खुद को गुड़गांव स्थित एक दवा कंपनी का मालिक बताया और अधिक वेतन पर नौकरी देने का झांसा देकर उसके दस्तावेज ले लिए।

बैंक खाता, चेकबुक, सिम और दस्तावेजों का दुरुपयोग
डब्लू कुमार के अनुसार, आरोपी ने वेतन खाता खुलवाने के नाम पर उसका आधार, पैन कार्ड और एक सिम कार्ड ले लिया। साथ ही खाली स्टाम्प पेपर और चेकबुक पर भी हस्ताक्षर करवाए। बाद में उसके नाम से ‘रीलाइन फार्माटेक’ नामक फर्जी दवा कंपनी खोली गई। इस कंपनी के माध्यम से आरोपी ने देहरादून के सहसपुर क्षेत्र में स्थित डॉक्टर मित्तल लेबोरेट्री सहित अन्य कंपनियों से दवाएं मंगवाकर हरियाणा और राजस्थान में बेचीं।

नामी कंपनियों के नकली लेबल लगाकर बेचता था दवाएं
जांच में यह भी सामने आया कि नवीन बंसल सहसपुर की फार्मा कंपनियों से थोक में दवा बनवाकर उस पर नामचीन ब्रांडों के नकली लेबल लगाकर बाजार में सप्लाई करता था। पूरा फर्जीवाड़ा डब्लू कुमार की पहचान के सहारे किया गया, जिससे कि कोई शक उस पर न आए।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
सहसपुर थानाध्यक्ष शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व आईटी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top