तनिष्क शोरूम में करोड़ों की चोरी का एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी नितिन वर्मा अभी भी फरार

गाजियाबाद: कविनगर थाना पुलिस ने राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (आरडीसी) स्थित मशहूर तनिष्क ज्वेलरी शोरूम में हुई करोड़ों रुपये की सनसनीखेज चोरी के मामले में एक आरोपी को देर रात गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान मुरादनगर निवासी चितरंजन उर्फ चींटू के रूप में हुई है। हालांकि, वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड और शोरूम का सेल्समैन नितिन वर्मा घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की पांच टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा ने करीब एक महीने पहले ही 5 मई को शोरूम में नौकरी शुरू की थी। चोरी की वारदात को अंजाम देने से ठीक एक दिन पहले यानी बृहस्पतिवार रात को नितिन ने अपना जन्मदिन होने का बहाना बनाकर आरडीसी के एक ढाबे पर पार्टी दी थी। इस पार्टी में शोरूम का पूरा स्टाफ और सुरक्षाकर्मी शामिल हुए थे।

आशंका जताई जा रही है कि इसी पार्टी के दौरान नितिन ने शोरूम के कैशियर गौतम राज के पास रहने वाली चाबियों को चालाकी से हासिल कर लिया। इतना ही नहीं, रात में ड्यूटी पर तैनात रहने वाला सुरक्षाकर्मी भी वारदात के समय मौके से गायब था, जिसके कारण उसकी भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

शोरूम के प्रबंधक रोहित अरोड़ा (निवासी कालकाजी, दिल्ली) ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे सुरक्षाकर्मी ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि शोरूम का शटर खुला हुआ है। मौके पर पहुंचने पर सोने-चांदी के करोड़ों के आभूषण गायब मिले।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि सुबह करीब सात बजे दो युवक पैदल ही शोरूम पहुंचे थे। उन्होंने चाबी से शटर का ताला खोला और अंदर दाखिल हो गए। आरोपियों ने पहले सीसीटीवी कैमरों को बंद करने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद वे पहली मंजिल पर गए और शोकेस में रखी महंगी ज्वेलरी बैग में भरकर मात्र 25 मिनट के भीतर फरार हो गए। फुटेज के आधार पर स्टाफ ने मुख्य आरोपी सेल्समैन नितिन वर्मा (निवासी मोदीनगर) की पहचान की।

एसीपी के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी चितरंजन से पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी के जेवरों की बरामदगी और फरार मुख्य आरोपी नितिन वर्मा के ठिकाने का पता लगाया जा सके। नितिन का पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया गया था, जिसमें उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला था। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

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