अब नहीं बनेंगी आपकी AI तस्वीरें! विवादों के बाद Meta ने हटाया Muse Image फीचर

पूजा भट्ट

अगर आप Instagram पर किसी की AI तस्वीर बनाने वाले Meta के नए फीचर का इंतजार कर रहे थे, तो यह खबर आपके लिए है। यूजर्स की तीखी आलोचना और प्राइवेसी को लेकर उठे सवालों के बाद Meta ने अपने विवादित AI फीचर Muse Image को बंद करने का फैसला कर लिया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि इस टूल को फिलहाल हटा दिया गया है।

Meta ने हाल ही में Muse Image नाम का एक AI टूल लॉन्च किया था। इस फीचर की मदद से कोई भी यूजर सिर्फ एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर किसी भी पब्लिक Instagram अकाउंट को टैग कर उसकी AI-जनरेटेड तस्वीर तैयार कर सकता था। शुरुआत में इसे क्रिएटिव AI एक्सपीरियंस के तौर पर पेश किया गया, लेकिन लॉन्च के कुछ ही समय बाद यह फीचर विवादों में घिर गया।

सबसे बड़ा सवाल यूजर्स की प्राइवेसी और सहमति (Consent) को लेकर उठा। दरअसल, जिन लोगों का Instagram अकाउंट पब्लिक था, उनके अकाउंट इस फीचर में डिफॉल्ट रूप से शामिल थे। यानी अगर कोई यूजर अपनी तस्वीरों का AI इस्तेमाल नहीं चाहता था, तो उसे खुद सेटिंग्स में जाकर यह विकल्प बंद करना पड़ता था। कई लोगों का आरोप था कि Meta ने इस व्यवस्था की जानकारी पर्याप्त तरीके से साझा नहीं की।

प्राइवेसी एक्सपर्ट्स और डिजिटल अधिकारों से जुड़े संगठनों ने भी इस फीचर पर चिंता जताई। उनका कहना था कि बिना स्पष्ट अनुमति किसी की AI तस्वीर बनाना भविष्य में फर्जी कंटेंट, पहचान की चोरी और ऑनलाइन ब्लैकमेल जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे सकता है। सोशल मीडिया पर भी बड़ी संख्या में यूजर्स ने इस फीचर का विरोध किया।

विवाद बढ़ने के बाद Meta ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि Muse Image का उद्देश्य लोगों को एक नया और उपयोगी AI क्रिएटिव टूल देना था, लेकिन जिस तरह इसे लेकर चिंताएं सामने आईं, उसे देखते हुए कंपनी ने इस फीचर को हटाने का निर्णय लिया है। कंपनी का कहना है कि वह आगे भी AI तकनीक पर काम करती रहेगी, लेकिन यूजर सेफ्टी और प्राइवेसी उसकी प्राथमिकता रहेगी।

हालांकि, शुरुआत से ही इस फीचर में कुछ सुरक्षा सीमाएं भी लागू थीं। 18 वर्ष से कम उम्र के यूजर्स और प्राइवेट Instagram अकाउंट्स को Muse Image का हिस्सा नहीं बनाया गया था। अब यदि कोई Meta AI में किसी Instagram अकाउंट को टैग कर AI तस्वीर बनाने की कोशिश करता है, तो सिस्टम ऐसा करने से इनकार कर देता है।

Meta के इस कदम का असर सिर्फ आम यूजर्स तक सीमित नहीं रहा। हॉलीवुड की कई बड़ी टैलेंट एजेंसियों और कलाकारों ने भी AI के जरिए बिना अनुमति किसी की डिजिटल पहचान इस्तेमाल किए जाने पर आपत्ति जताई थी। मनोरंजन जगत में भी AI से जुड़े अधिकारों और कलाकारों की छवि के दुरुपयोग को लेकर लगातार बहस जारी है।

AI तकनीक तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन Muse Image विवाद ने यह साफ कर दिया है कि नई तकनीक के साथ प्राइवेसी, पारदर्शिता और यूजर की स्पष्ट सहमति जैसे मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Meta का यह फैसला दिखाता है कि यूजर्स की प्रतिक्रिया और भरोसा किसी भी नई टेक्नोलॉजी की सफलता के लिए सबसे अहम होता है।

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