पर्यटकों से पैक नैनीताल, कैंचीधाम में आस्था का जनसैलाब

आयुषी

उत्तर भारत में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। खासकर नैनीताल इन दिनों सैलानियों की पहली पसंद बना हुआ है।सप्ताहांत और छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक सरोवर नगरी पहुंच रहे हैं, जिससे शहर के अधिकांश होटल, रिसॉर्ट और होमस्टे लगभग पूरी तरह भर चुके हैं।

नैनीताल की खूबसूरत वादियां, सुहावना मौसम और नैनी झील का आकर्षण पर्यटकों को अपनी ओर खींच रहा है। शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों नैना देवी मंदिर, स्नो व्यू प्वाइंट, टिफिन टॉप, माल रोड और बोटिंग प्वाइंट पर दिनभर पर्यटकों की चहल-पहल देखने को मिल रही है। झील में नौकायन का आनंद लेने के लिए भी लंबी कतारें लग रही हैं।पर्यटकों की बढ़ती संख्या का सीधा लाभ स्थानीय पर्यटन कारोबार को मिल रहा है। होटल व्यवसायियों, रेस्टोरेंट संचालकों, टैक्सी चालकों और स्थानीय व्यापारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचने से कारोबार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

वहीं, विश्व प्रसिद्ध कैंचीधाम में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्थाएं कर रहे हैं।पर्यटकों और श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए नैनीताल और कैंचीधाम क्षेत्र में यातायात का दबाव भी बढ़ गया है। कई स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। पुलिस और प्रशासन द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है तथा पार्किंग प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में पर्वतीय क्षेत्रों का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बने रहने की संभावना है। ऐसे में पर्यटन गतिविधियों में और तेजी आने की उम्मीद है। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि मौसम अनुकूल रहा तो इस सीजन में पर्यटकों की संख्या पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ सकती है।

उत्तराखंड के पर्यटन उद्योग के लिए यह सीजन नई उम्मीदें लेकर आया है। एक ओर नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, तो दूसरी ओर कैंचीधाम की आध्यात्मिक आस्था श्रद्धालुओं को यहां खींच ला रही है, जिससे पूरे कुमाऊं क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

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