भुवनेश्वर। कमिश्नरेट पुलिस ने खनन कारोबारी से कथित तौर पर 60 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने फर्जी पहचान के जरिए कारोबारी से संपर्क किया और खुद को इंजीनियर बताकर विश्वास में लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय दिनेश रंजन दास और 30 वर्षीय सस्मिता सामल के रूप में हुई है।
पुलिस ने दोनों को सुंदरपदा स्थित एक अपार्टमेंट से पकड़ा। मामले में शिकायतकर्ता खनन कारोबारी जितेंद्र नाथ पटनायक हैं। पुलिस जांच के अनुसार वर्ष 2024 में सस्मिता की मुलाकात जितेंद्र नाथ पटनायक से हुई थी। उसने कथित तौर पर अपनी पहचान प्रियंका प्रधान के रूप में बताई और खुद को सिविल इंजीनियर बताया। इसके बाद उसने कारोबारी के कार्यालय में नौकरी भी हासिल कर ली।
जांच में सामने आया कि कुछ समय बाद सस्मिता ने कारोबारी को बताया कि वह सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद उसने इलाज के लिए आर्थिक मदद मांगी। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए कारोबारी ने डिजिटल माध्यम से कई बार रकम ट्रांसफर की।
पुलिस के मुताबिक, रकम सस्मिता के एक रिश्तेदार के बैंक खाते में भेजी गई, जो प्रियंका प्रधान के नाम का इस्तेमाल कर रहा था। आरोप है कि सस्मिता और दिनेश ने अलग-अलग बहाने बनाकर कारोबारी से कुल 60 लाख रुपये हासिल किए। पुलिस का कहना है कि दोनों ने इस रकम को निजी जरूरतों और अपनी जीवनशैली पर खर्च किया।
ठगी का पता चलने के बाद कारोबारी ने कैपिटल थाना में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को दिनेश रंजन दास के पूर्व में जाजपुर टाउन थाना में दर्ज एक आपराधिक मामले में संलिप्त होने की जानकारी भी मिली है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ मामले की आगे जांच कर रही है।

