आईवीएफ और सरोगेसी के नाम पर महाधोखा: बच्चा चोरी गैंग का पर्दाफाश, 16 गिरफ्तार, 7 नवजात बरामद

नई दिल्ली: नवजात बच्चों की तस्करी और खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संतान की चाह रखने वाले बेऔलाद दंपतियों को ‘आईवीएफ तकनीक’ और ‘सरोगेसी’ (किराए की कोख) का झांसा देकर ठग रहा था। गिरोह के सदस्य बकायदा 9 महीने तक इलाज के नाम पर दंपतियों से लाखों रुपये वसूलते थे और बाद में किसी गरीब परिवार से खरीदा हुआ बच्चा उन्हें सौंप देते थे।

इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने सोमवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश में छापेमारी कर एक और नवजात को बरामद किया और एक 32 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया। हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार महिला इस बात से पूरी तरह अनजान थी कि जो बच्चा उसकी गोद में है, वह उसका नहीं बल्कि खरीदा हुआ है।

महिला ने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी को 12 साल हो चुके थे और पति को पैरालिसिस (लकवा) था। परिवार को बच्चे की चाह थी, जिसके बाद एक रिश्तेदार के कहने पर वे मुख्य आरोपी डॉ. विवेकी से मिले। डॉक्टर ने उन्हें आईवीएफ और सरोगेसी का झांसा दिया। करीब 9 महीने तक फर्जी इलाज के नाम पर मोटी रकम ऐंठने के बाद, 4 जून को कागजी कार्रवाई का नाटक कर उन्हें यह बच्चा सौंप दिया गया।

पुलिस इस मामले में अब तक 7 नवजात बच्चों को बरामद कर चुकी है, जबकि अस्पताल की मालकिन डॉ. विवेकी समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पुलिस ने रोहिणी (दिल्ली) से गरिमा जैन और उनके ससुर सतीश जैन को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने डॉ. विवेकी से 9.30 लाख रुपये में बच्चा खरीदा था। मामले का मुख्य सूत्रधार प्रवेश जैन फिलहाल फरार है।

मध्य जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के तार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से जुड़े हैं। गिरोह के सदस्य राजस्थान और गुजरात के गरीब परिवारों को चंद रुपयों (10 से 15 हजार) का लालच देकर उनके नवजात बच्चे खरीद लेते थे। इसके बाद ‘प्रतिभा’ नाम की महिला और हीरा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के जरिए ऐसे बेऔलाद दंपतियों को टारगेट किया जाता था, जो कानूनी रूप से बच्चा गोद लेना चाहते थे। गिरोह इन मासूमों को 5 से 10 लाख रुपये में बेच देता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह गिरोह पिछले डेढ़ साल में करीब 30 बच्चों का सौदा कर चुका है। फिलहाल पुलिस बिहार, आगरा और दिल्ली-एनसीआर में बेचे गए अन्य बच्चों की तलाश में जुटी है।

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