रांची: झारखंड की राजधानी रांची की विभिन्न अदालतों से सोमवार को कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले और आदेश सामने आए हैं। इनमें सामूहिक दुष्कर्म, हत्या, मादक पदार्थों की तस्करी और मुआवजा मामलों से जुड़ी अहम सुनवाइयां शामिल हैं।
पोक्सो (POCSO) के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने दो नाबालिग मौसेरी बहनों के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में मुख्य अभियुक्त सुशील उरांव को दोषी करार दिया है. यह घटना 17 अप्रैल 2024 की है, जब चान्हो थाना क्षेत्र के हूंटार मेले से लौट रही दो नाबालिग बहनों को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया था. मामले में शामिल दो अन्य नाबालिग आरोपियों की सुनवाई जेजे बोर्ड (JJ Board) में चल रही है. अदालत इस मामले में दोषी सुशील उरांव को 27 जून को सजा सुनाएगी.
अपर न्यायायुक्त देवाशीष महापात्रा की अदालत ने अनगड़ा थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में पति की हत्या की आरोपी नीतू देवी की जमानत याचिका खारिज कर दी है. अभियोजन के अनुसार, नीतू देवी ने अपने कथित प्रेम प्रसंग के चलते सहयोगियों के साथ मिलकर अपने पति विजय लोहरा की हत्या करा दी थी, जिसका शव 13 फरवरी को बरामद हुआ था. पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
मादक पदार्थ मामला: एनडीपीएस (NDPS) के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत ने सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से 2.05 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी अनिकेत कुमार की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है.
तार चोरी मामला: दूसरी ओर, अपर न्यायायुक्त शैलेंद्र कुमार की अदालत ने बिजली विभाग के 15 क्विंटल एल्युमिनियम तार चोरी के मामले में आरोपी जियारत अंसारी को साक्ष्य और गवाहों के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया.
अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के पीठासीन पदाधिकारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए साल 2017 में सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले सीसीएल (CCL) सुरक्षा गार्ड मथिया उरांव के छह आश्रित बच्चों को 28.62 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. यह राशि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दो महीने के भीतर भुगतान की जाएगी.

