नई दिल्ली- राजधानी दिल्ली में दो अलग-अलग घटनाओं ने एक बार फिर घरेलू सहायकों की भूमिका और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर केशवपुरम इलाके में एक घरेलू सहायिका ने अपनी बुजुर्ग मालकिन के घर से लाखों के गहनों पर हाथ साफ कर दिया, वहीं दूसरी ओर लुटियंस दिल्ली के गोल्फ लिंक्स इलाके में घरेलू सहायक की मिलीभगत से हाई-प्रोफाइल डकैती को अंजाम दिया गया।
पहली घटना में केशवपुरम निवासी 82 वर्षीय संतोष देवी के घर से करीब 250 ग्राम सोने के गहनों की चोरी हो गई। जांच के दौरान पुलिस ने घर में काम करने वाली सहायिका सुखवती और उसके पति उमेश से पूछताछ की। शुरुआत में आरोपों से इनकार करने के बावजूद, उमेश के मोबाइल फोन की जांच में यह सामने आया कि उसने वारदात से पहले सोने के भाव ऑनलाइन सर्च किए थे। इसके बाद पुलिस का शक गहराया और कड़ाई से पूछताछ में सुखवती ने चोरी की बात कबूल कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी किए गए गहने बरामद कर लिए हैं और पति की भूमिका की भी जांच जारी है।
दूसरी घटना में नई दिल्ली के गोल्फ लिंक्स स्थित एक कारोबारी के घर में डकैती की बड़ी वारदात सामने आई। बताया गया कि घर में हाल ही में रखे गए घरेलू सहायक ने ही पूरी साजिश रची। उसने घर की सुरक्षा व्यवस्था और दिनचर्या की जानकारी जुटाकर अपने साथियों को बुलाया और वारदात की रात मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। इसके बाद सात बदमाश घर में घुस आए, परिवार को बंधक बनाया और लाखों के गहने व नकदी लूटकर फरार हो गए।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों—गुड्डू कुमार कामत, रमन कामत और अमित सिंह उर्फ गब्बर—को मुंबई और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। जबकि मुख्य आरोपी घरेलू सहायक समेत अन्य की तलाश जारी है। पुलिस की टीमें बिहार, यूपी और दिल्ली-एनसीआर में लगातार छापेमारी कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों मामलों में यह साफ हुआ है कि बिना सत्यापन के घरेलू सहायकों को रखना गंभीर जोखिम बन सकता है।

