वसुधा शर्मा
2019 के पुलवामा आतंकी हमले में शामिल मास्टरमाइंड्स हमजा बुरहान की PoK में गोली मारकर की हत्या।
40 से अधिक CRPF जवानों की शहादत वाले पुलवामा हमले का आरोपी हमजा बुरहान उर्फ अरजुमंद गुलजार डार उर्फ डॉक्टर, गुरुवार को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात बंदूकधारियों के हमले में मारा गया।
अल बद्र आतंकी संगठन का कमांडर हमजा बुरहान अप्रैल 2022 में भारत द्वारा आतंकवादी घोषित किया गया था। पुलवामा हमले के बाद वह PoK में शिक्षक बनकर छिपा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, मुज़फ्फराबाद के गोजरा स्थित एक निजी कॉलेज का प्रिंसिपल बना हमजा गुरुवार सुबह कॉलेज से बाहर निकलते समय हमलावरों के निशाने पर आ गया। अज्ञात हमलावरों ने उस पर नज़दीक से कई गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौत हो गई।
“प्रिंसिपल के सिर में तीन गोलियां लगीं। गंभीर हालत में उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया,” पुलिस ने पत्रकारों को बताया।
हालांकि, सूत्रों ने PTI को बताया कि हमले के बाद हमज़ा बुरहान की मौत हो गई। पुलिस ने दावा किया है कि एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और हमले में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।
एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, “वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर भाग रहा था, तभी स्थानीय लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।”
हमज़ा बुरहान कौन था?
हमज़ा बुरहान कई आतंकी मामलों में भर्ती और लॉजिस्टिक सपोर्ट मुहैया कराने से जुड़ा हुआ था। वह 18 नवंबर 2020 को CRPF जवानों पर हुए ग्रेनेड हमले समेत कई अन्य आतंकी गतिविधियों में भी शामिल रहा। हालांकि, 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले का सीधा मास्टरमाइंड वह नहीं था। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था। लेकिन हमजा बुरहान पर दक्षिण कश्मीर में कट्टरपंथ फैलाने और आतंकियों की भर्ती के उस नेटवर्क का हिस्सा होने का आरोप था, जिसने ऐसे हमलों को बढ़ावा दिया। बड़े स्तर पर चली तलाश अभियान के बाद हमज़ा बुरहान PoK भाग गया था। बाद में भारत के गृह मंत्रालय ने 2022 में उसे आतंकवादी घोषित कर दिया।
40 CRPF जवानों की शहादत वाला पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक आतंकी हमलों में से एक माना जाता है। इस हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी प्रशिक्षण शिविर पर एयरस्ट्राइक की थी। इस कार्रवाई के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

