वाराणसी: किशोरी से देह व्यापार कराने के मामले में चार और आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सारनाथ थाना क्षेत्र के पहड़िया सारंग चौराहा स्थित एक किराए के मकान में किशोरी से देह व्यापार कराने के गंभीर मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सारनाथ पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रतापगढ़ के रमईपुर नेवादा इलाके से चार और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए चारों आरोपियों से सघन पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस मामले में दो आरोपियों को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।

सारनाथ थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक सामाजिक संस्था (NGO) ‘फ्रीडम फर्म’ के पदाधिकारियों—रेमिन जान, अंजना रानी, शालिनी वाल्टर और अमितेज लायल ने पुलिस को इस घिनौने रैकेट की लिखित शिकायत दी थी। संस्था ने सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) सारनाथ को सूचित किया था कि पहड़िया सारंग चौराहे के पास एक किराए के मकान में किशोरियों से जबरन देह व्यापार कराया जा रहा है।

NGO से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस को पता चला कि इस रैकेट से जुड़े मुख्य आरोपी प्रतापगढ़ के रमईपुर नेवादा में छिपे हुए हैं। इसके बाद उपनिरीक्षक अमरजीत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर प्रतापगढ़ भेजी गई। पुलिस की भनक लगते ही आरोपी भागने की फिराक में थे, लेकिन घेराबंदी कर सुबरातन, वाजिद, लियाकत और साफरून (सभी निवासी: रमईपुर नेवादा, पट्टी, प्रतापगढ़) को गिरफ्तार कर लिया गया।

 पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जड़ें काफी गहरी हैं। इससे पहले शिवपुर थाना क्षेत्र के काशीराम आवास निवासी मनोज और शादुनिशा को इस धंधे को संचालित करने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। गौरतलब है कि इससे पहले भी पुरानापुल चौकी प्रभारी अनुज शुक्ला ने इसी मकान में एक किशोरी (भतीजी) से जबरन देह व्यापार कराने के आरोप में दो लोगों को रंगे हाथों पकड़कर जेल भेजा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है ताकि मानव तस्करी से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।

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