आर्थिक मोर्चे पर वित्त मंत्री का बड़ा संदेश – डर नहीं विश्वास जरूरी

पूजा भट्ट

वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ है | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमान ने साफ कहा कि कुछ लोग बेवजह डर का माहौल बना रहा है, जबकि जरूरत है लोगों मे विश्वास जगाने की | उन्होंने भरोसा दिलाया की भारत की घरेलू अर्थगव्यवस्था लचीली और सकारात्मक बनी हुई है |

मुंबई मे सिडबी के कार्यक्रम मे बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा की बाहरी झटकों के बावजूद सार्क की नीतियाँ एसी बनाई गई हैं ज अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखें | उन्होनें यह भी जोड़ा की सरकार का फोकस देश की विकास दर को बनाए कहना औ लोगों का भरोसा मजबूत करना है |

सीतारमान ने एमएसएमई सेक्टर की चुनौतियों को लेकर चिंता जताई | उन्होनें बताया की करीब 8.1 लाख करोड़ रुपए के भुगतान अटके हुए हैं, जिससे छोटे उद्योगों की कार्यशाली पूंजी प्रभावित हो रही है | उन्होनें सार्वजनिक उपकर्मों से अपील की कि 45 दिनों के भीतर भुगतान को राहत मिल सके |

आर्थिक मजबूती के संकेत देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी (GST) कलेक्शन 8.3 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ 22 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। बैंकिंग क्षेत्र का समर्थन भी लगातार मिल रहा है, जिसके तहत रिटेल कर्ज (18.1%), कृषि कर्ज (15.5%) और एमएसएमई क्षेत्र के कर्ज (18.2%) में शानदार वृद्धि दर्ज की गई है | इसके अलावा, ट्रैक्टर, यात्री वाहन और दोपहिया वाहनों की बढ़ती बिक्री के साथ-साथ सरकारी बैंकों के घटते एनपीए (NPA) जैसी बातें मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक स्थिरता का स्पष्ट संकेत दे रही हैं।

सरकार ने मएउफैक्चरींग सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 33,660 करोड़ रुपये की ‘भव्य योजना’ शुरू की है |इसके तहत देशभर में 50 नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे, जिससे एमएसएमई, स्टार्टअप और निवेशकों को बड़ा फायदा मिलेगा |

पेट्रोल –डीजल पर उत्पाद शुल्क मे कटौती का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इससे सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा, लेकिन आम जनता और अर्थव्यवस्था को राहत देना प्राथमिकता है |

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