बदनामी के डर में पिता ने बेटी को मार डाला, हत्या के बाद खुद थाने पहुंचकर किया सरेंडर

आगरा। झूठी शान और परिवार की बदनामी के डर में एक पिता ने अपनी बेटी की हत्या कर दी। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता चंद्रवीर सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हत्या के बाद आरोपी ने घर पर ताला लगाया और करीब डेढ़ घंटे तक इधर-उधर घूमने के बाद खुद थाने पहुंचकर बेटी की हत्या करने की जानकारी पुलिस को दी।

पचगाईं खेड़ा निवासी चंद्रवीर सिंह बिल्डिंग मैटीरियल की दुकान चलाता है। गुरुवार शाम वह एकता थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसकी बेटी लविश्का का शव घर में पड़ा है। पूछताछ में उसने हत्या की पूरी घटना पुलिस के सामने स्वीकार कर ली।

पुलिस के अनुसार, चंद्रवीर ने बताया कि उसकी बेटी कुछ समय पहले अपने एक मित्र के साथ घर से चली गई थी। परिवार की बदनामी के डर से उसने इसकी शिकायत पुलिस में नहीं की। मंगलवार को भी बेटी घर से चली गई थी और रात करीब एक बजे वापस लौटी। इसके बाद पिता ने उसे समझाने की कोशिश की और परिवार की इज्जत का हवाला दिया।

गुरुवार दोपहर बेटी घर पर अकेली थी। चंद्रवीर ने उससे दोबारा बात करते हुए कहा कि उसकी शादी देवोत्थान के समय कर दी जाएगी और उसके खाते में पांच लाख रुपये भी जमा कराए जाएंगे। बेटी ने उसकी बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और मुंह फेर लिया। इससे गुस्साए चंद्रवीर ने घर में रखी बांक से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

वारदात के बाद आरोपी ने घर पर ताला लगाया और पैदल मधु नगर चौराहे तक पहुंचा। वहां से ऑटो लेकर बिजलीघर चौराहे गया और करीब डेढ़ घंटे तक घूमता रहा। इसके बाद वह सीधे एकता थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

एसीपी ताज सुरक्षा यतेंद्र नागर ने बताया कि पुलिस ने मृतका की मां रजनी से तहरीर देने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बेटी की हत्या किसने की। इसके बाद उप निरीक्षक कैलाश चंद्र गुप्ता की ओर से हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लविश्का की मौत का कारण सिर में लगी चोटें बताया गया है। परिवार के लोगों ने बाद में उसका अंतिम संस्कार गांव के बाहर स्थित श्मशान घाट पर कर दिया।

Back To Top