पूजा भट्ट
दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक व टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सचिवालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद यह नीति 1 जुलाई से लागू होगी और 31 अगस्त 2031 तक प्रभावी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि नागरिकों को आर्थिक लाभ पहुंचाना और स्वच्छ परिवहन को मजबूत करना भी है। सरकार का अनुमान है कि इस पहल से लोगों को करीब 15 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि को बढ़ाया गया है ताकि ज्यादा लोग ईवी अपनाएं।
नई नीति में इलेक्ट्रिक दोपहिया, चारपहिया, तिपहिया, ट्रक और ग्रामीण परिवहन वाहनों को शामिल किया गया है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि नीति को अंतिम रूप देने से पहले कई दौर की चर्चाएं और हितधारकों से सुझाव लिए गए।
नई व्यवस्था के तहत इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन खरीदने पर 30 हजार से 50 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन, जबकि इलेक्ट्रिक ट्रक खरीदने पर एक लाख रुपये तक की सहायता राशि मिलेगी। ग्रामीण सेवा वाहनों के लिए 20 हजार रुपये तक का स्क्रैपिंग इंसेंटिव तय किया गया है।
सरकार ने पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए चरणबद्ध योजना भी बनाई है। इसके अनुसार 1 जनवरी 2027 से नए तीनपहिया वाहनों का पंजीकरण केवल इलेक्ट्रिक रूप में होगा, जबकि अप्रैल 2028 से नए दोपहिया वाहन भी केवल इलेक्ट्रिक श्रेणी में पंजीकृत किए जाएंगे।
नई ईवी पॉलिसी में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर चार्जिंग स्टेशन विकसित करेगी और घरों में ईवी चार्जिंग के लिए अलग मीटर की व्यवस्था भी उपलब्ध कराएगी।
नीति के तहत खरीदे गए इलेक्ट्रिक वाहन तीन वर्ष तक दिल्ली के बाहर नहीं बेचे जा सकेंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, व्यावसायिक वाहन और 30 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं पुराने बीएस-4 या उससे नीचे के वाहन को स्क्रैप करने पर एक लाख रुपये तक का इंसेंटिव मिलेगा।
सरकार का मानना है कि यह नीति राजधानी में प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज़ी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी।

