धनबाद। कोयला और कोक कारोबार में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में छत्तीसगढ़ के भिलाई निवासी भाजपा के पूर्व कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उन्हें धनबाद थाना क्षेत्र के डीआरएम चौक के पास से पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, संदीप अग्रवाल धनबाद न्यायालय में आत्मसमर्पण करने पहुंचे थे। इसी दौरान कोलकाता पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें डीआरएम चौक के पास गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में संदीप अग्रवाल के अलावा उनके भाई संजय अग्रवाल, सचिन अग्रवाल और पत्नी राखी अग्रवाल की गिरफ्तारी भी पहले हो चुकी है। आरोपितों पर कारोबारी पवन मोर के साथ धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपये की रकम हड़पने का आरोप है।
यह मामला नारायणी कोक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक पवन मोर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, आरोपितों ने कारोबारी संबंधों का फायदा उठाकर कथित साजिश के तहत निवेश योजनाओं, कोयला और कोक की आपूर्ति तथा व्यक्तिगत ऋण दिलाने के नाम पर 141 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की।
इस संबंध में धनबाद के बैंक मोड़ थाने में 5.85 करोड़ रुपये और गोविंदपुर थाने में 81.22 लाख रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा वर्ष 2024 में कोलकाता, रायपुर और अहमदाबाद में भी आरोपितों के खिलाफ मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
शिकायत में राखी अग्रवाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि वह विमला मेटकोक और विमला फ्यूल्स एंड मेटल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों में सक्रिय निदेशक थीं। इन कंपनियों के माध्यम से कथित तौर पर आर्थिक अनियमितताएं की गईं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि धोखाधड़ी से प्राप्त बड़ी रकम संजय अग्रवाल ने राखी अग्रवाल के निजी और व्यावसायिक बैंक खातों में स्थानांतरित की थी। इस पूरे प्रकरण में करीब 141 करोड़ रुपये की राशि का उल्लेख किया गया है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों और कथित वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है।


