भाजपा का मिशन हैट्रिक, उत्तराखंड में बढ़ी हलचल

आयुषी

उत्तराखंड की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के लगातार दौरों के बाद अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के उत्तराखंड पहुंचने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी ने मिशन 2027 के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। देवभूमि में सत्ता की हैट्रिक लगाने के लक्ष्य के साथ भाजपा संगठन अब बूथ से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक एक्टिव मोड में दिखाई दे रहा है।

भाजपा के लिए उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि राजनीतिक और वैचारिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण प्रदेश माना जाता है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में पार्टी के सबसे बड़े चेहरे लगातार उत्तराखंड का दौरा कर रहे हैं। इन दौरों का मकसद केवल सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में जोश भरना, संगठन को मजबूत करना और चुनावी जमीन तैयार करना भी माना जा रहा है।पिछले साल नवंबर में राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देहरादून पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विकास योजनाओं की सौगात देने के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने का विजन भी सामने रखा। पीएम मोदी के दौरे ने भाजपा कार्यकर्ताओं में जबरदस्त ऊर्जा भरने का काम किया।

इसके बाद फरवरी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में भाजपा कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में संगठन विस्तार, चुनावी रणनीति और कमजोर बूथों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा की गई।मार्च में गृहमंत्री अमित शाह ने हरिद्वार में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को चुनावी मंत्र दिया, जबकि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने हल्द्वानी में जनसभा के जरिए कुमाऊं क्षेत्र में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन किया। इन दौरों ने साफ कर दिया कि भाजपा अब चुनावी मोड में पूरी तरह उतर चुकी है।

अब राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का उत्तराखंड दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष बूथ प्रबंधन, माइक्रो प्लानिंग और उन सीटों पर फोकस कर रहे हैं जहां पिछले चुनावों में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था। भाजपा की रणनीति स्पष्ट है—हर बूथ मजबूत, हर कार्यकर्ता सक्रिय और हर क्षेत्र में संगठन की मजबूत पकड़।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा लगातार बड़े नेताओं के दौरों के जरिए केवल संगठन को सक्रिय नहीं कर रही, बल्कि जनता के बीच मजबूत राजनीतिक संदेश भी देने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में उत्तराखंड की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प होने वाली है, क्योंकि भाजपा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मिशन 2027 उसके लिए सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई है।

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