धनबाद। दहेज प्रताड़ना और पत्नी को जलाकर हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए भूली बाईपास निवासी मुहम्मद शाहबाज उर्फ डेनियल को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।
मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत में हुई। आरोपी की गैरमौजूदगी में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया।
पीड़िता जुगनू प्रवीण ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 8 अप्रैल 2012 को आरोपी ने घर पहुंचकर खाना बनाने को लेकर विवाद किया और पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उसने गला दबाने के बाद कपड़ों में आग लगा दी, जिससे महिला करीब 60 प्रतिशत तक झुलस गई।
घटना के बाद पीड़िता को गंभीर हालत में बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, परिवार के लोगों के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गया था।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया था कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था। उसके तीन बच्चे भी हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 17 मई 2012 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।
पुलिस ने आरोपी को 11 अप्रैल 2012 को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई। इसके बाद वह 2016 से अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार घोषित कर दिया गया।
अदालत ने आरोपी को मारपीट, दहेज प्रताड़ना और हत्या के प्रयास के अलग-अलग मामलों में सजा सुनाई है। हत्या के प्रयास के मामले में उसे 10 वर्ष की कठोर कारावास और जुर्माने की सजा दी गई है।

