राज्यसभा में डॉ. नरेश बंसल का सवाल, इलेक्ट्रिक कार निर्माण को बढ़ावा देने की योजना पर सरकार ने दिया जवाब

देहरादून- भाजपा राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डा. नरेश बंसल अतारांकित प्रश्न संख्या-739 के माध्यम से सदन मे सरकार से भारत मे इलेक्ट्रिक यात्री कारों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना के उद्देश्य और प्रावधान सबंधित प्रश्न किया।

डा. नरेश बंसल ने अपने प्रश्न मे पूूूूूूूूूूछा किः-
क्या भारी उद्योग मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे किः-
क- विशेषकर निवेश आकर्षित करने और घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने के संदर्भ में भारत में इलेक्ट्रिक यात्री कारों के विनिर्माण को बढ़ावा देने की योजना (एसपीएमईपीसीआई) के उद्देश्य और मुख्य प्रावधान क्या हैं
ख- क्या इस योजना में विनिर्माण के स्थानीयकरण और प्रौद्योगिकी के अंतरण का कोई प्रावधान है यदि हां तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है।
ग- इस योजना के तहत प्रस्तावित निवेश, विनिर्माण क्षमता और रोजगार सृजन का ब्यौरा क्या है और
घ- केंद्र सरकार और सहभागी विनिर्माताओं की भूमिकाओं सहित इस योजना को लागू किए जाने वाले तंत्र का ब्यौरा क्या है?

इसके उत्तर मे भारी उद्योग राज्य मंत्री श्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने जवाब दिया किः-

क और ख- भारत में विद्युत यात्री कारों के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने की स्कीम को वैश्विक विद्युत यात्री कार विनिर्माताओं से निवेश (प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित) आकर्षित करने तथा भारत को विद्युत यात्री कारों के विनिर्माण हेतु एक प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से 15.03.2024 को अधिसूचित किया गया था। स्कीम के अंतर्गत अनुमोदित आवेदक को भारत में विद्युत चैपहिया वाहनों की विनिर्माण सुविधा स्थापित करनी होगी तथा रू0 4,150 करोड़ का न्यूनतम निवेश करना होगा। साथ ही अनुमोदन की तिथि से तीसरे वर्ष तक 25 प्रतिशत तथा पंाचवे वर्ष तक 50 प्रतिशत घरेलू मूल्य संवर्धन प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

ग और घ- भारत में विद्युत यात्री कारों के विनिर्माण को प्रोत्साहित करने की स्कीम के कार्यान्वयन हेतु दिनांक 15.03.2024 की स्कीम अधिसूचना में निहित प्रावधानों के अनुपूरक के रूप में विस्तृत दिशा-निर्देश 02.06.2025 को जारी किए गए। स्कीम अधिसूचना के पैरा-9 के अनुसार स्कीम के अनुमोदन, समग्र निगरानी तथा कार्यान्वयन के लिए एक अंतर-मंत्रालयी स्कीम स्वीकृति समिति उत्तरदायी है। प्रस्तावित निवेश के संबंध में इस स्कीम के अंतर्गत अब तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।

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