आयुषी
बदरीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया है। रविवार देर रात करीब 11 बजे हुई गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बदरीनाथ लेकर पहुंची। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।पुलिस के अनुसार, मंदिर में प्राप्त चढ़ावे के रखरखाव और जमा प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी।
प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की राशि में कथित गड़बड़ी के संकेत मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार उसे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया।जांच के दौरान पुलिस ने 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच की। पुलिस के मुताबिक, 25 जून की फुटेज में आरोपी प्रमोद नौटियाल नोटों की गड्डी ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। इस फुटेज को जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।पुलिस ने बताया कि बदरीनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गणना सामान्यतः तीन से चार दिन के अंतराल पर की जाती है।
इसी क्रम में 25 जून, 29 जून और 2 जुलाई को गणना की गई थी। जांच टीम इन तीनों दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का क्रमवार विश्लेषण कर रही है।मामले की जांच के तहत पुलिस ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की आंतरिक जांच रिपोर्ट, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर चढ़ावे की गणना, रखरखाव और जमा प्रक्रिया की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।रविवार को पुलिस ने बीकेटीसी के कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। जानकारी के अनुसार, 2 जुलाई को हुई चढ़ावे की गणना के दौरान आरोपी कर्मचारी सहित 12 से अधिक लोग गणना कक्ष में मौजूद थे।
इनमें कुछ स्थानीय साधु-संत भी शामिल थे, जो नियमित रूप से चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में भाग लेते रहे हैं। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद पूरे प्रकरण में यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

