अमेठी: जिले के हथकिला गांव में एक किराना व्यापारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे घर से निकले किराना व्यापारी ननकऊ का शव शाम करीब साढ़े छह बजे गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है, वहीं परिजनों के बदलते बयानों और पुलिस के दावे ने इस केस को पूरी तरह रहस्यमय बना दिया है।
घटना के पहले दिन मृतक के बेटे भागीरथी ने पिता के हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंके जाने की आशंका जताते हुए हत्या का आरोप लगाया था और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। लेकिन शुक्रवार को भागीरथी ने अचानक यू-टर्न लेते हुए पुलिस को एक लिखित प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उसने बताया कि उसके पिता मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थे और उनका इलाज चल रहा था।
बेटे के इस विरोधाभासी रुख ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और चर्चाओं के अनुसार, यदि मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ भी थे, तो उनके हाथ-पैर बंधे होने की बात सामने क्यों आई? क्या यह सोची-समझी हत्या है या फिर कुछ और, इसे लेकर शक की सुई गहरी होती जा रही है।
इस पूरे मामले पर पुलिस का रुख अलग है। क्षेत्राधिकारी (सीओ) मनोज मिश्र ने बताया कि बुजुर्ग की मानसिक बीमारी की दवा चल रही थी और परिजनों के मुताबिक वह अस्वस्थ थे। पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि बुजुर्ग के हाथ-पैर बंधे हुए थे।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

