661 करोड़ के बैंक फ्रॉड में CBI की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपियों गिरफ्तार, तीन दिन की CBI रिमांड

पंचकूला: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने 661 करोड़ रुपये के चर्चित आईडीएफसी-एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई देर रात को अंजाम दी।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान चरणजीत सिंह रंधावा और मोहम्मद शमीम के रूप में हुई है। आरोपी चरणजीत सिंह आईडीएफसी बैंक में कैशियर के पद पर तैनात है, जबकि मोहम्मद शमीम एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में बतौर डाटा एंट्री क्लर्क काम कर रहा था। सीबीआई ने बुधवार को दोनों आरोपियों को जिला अदालत पंचकूला में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित शर्मा की अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें तीन दिन के सीबीआई रिमांड पर भेज दिया गया है।

 सीबीआई ने कोर्ट में दलील देकर आरोपियों की रिमांड की मांग की थी, जिसे मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने स्वीकार कर लिया। जांच एजेंसी का मानना है कि इन दोनों अंदरूनी बैंक कर्मचारियों से पूछताछ के बाद 661 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले से जुड़े कई चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। सीबीआई अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस धोखाधड़ी में इन दोनों की मुख्य भूमिका क्या थी और बैंक के भीतर या बाहर कौन से अन्य लोग इनके साथ मिले हुए थे।

 गौरतलब है कि करोड़ों रुपये के इस चर्चित बैंक फ्रॉड मामले में सीबीआई लगातार शिकंजा कस रही है और अब तक कई बड़ी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इन दोनों बैंक कर्मियों की ताजा गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा और अधिक व्यापक होने की संभावना है। जांच अधिकारी फिलहाल डिजिटल इनपुट, संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग प्रक्रियाओं से जुड़े दस्तावेजी सबूतों को खंगालने में जुटे हैं।

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