औरेया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने कर्ज के रुपये चुकाने से बचने के लिए खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। शातिर शख्स ने अस्पताल के एक सुरक्षाकर्मी (चौकीदार) के जरिए यूपी-112 पर अपने किडनैपिंग की सूचना दिलवा दी। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और शुरुआती जांच में ही इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस अब झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में विधिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस जांच में सामने आया कि मथुरा जनपद के रहने वाले बृज प्रसाद से पश्चिम बंगाल के मूल निवासी शक्ति घोष ने कुछ साल पहले पैसे उधार लिए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी शक्ति घोष उधारी के रुपये वापस नहीं कर रहा था। पीड़ित बृज प्रसाद ने पुलिस को बताया कि शक्ति घोष वर्तमान में दिल्ली में रहता है। हाल ही में शक्ति ने रुपये चुकाने का भरोसा दिया और बृज प्रसाद को अपने साथ कार से प्रयागराज चलने को कहा।
बृज प्रसाद उसकी बातों में आ गया और दोनों कार से प्रयागराज के लिए रवाना हुए। गुरुवार की रात औरैया के चिचौली पहुंचते ही उनकी कार बीच रास्ते में खराब हो गई। रात अधिक होने के कारण दोनों को चिचौली स्थित ‘सौ शैया अस्पताल’ के परिसर में बने एक साथी डॉक्टर के घर पर पनाह लेनी पड़ी।
शुक्रवार की सुबह शक्ति घोष ने कर्जदार से पीछा छुड़ाने और लेनदेन से बचने के लिए एक खतरनाक पैंतरा आजमाया। उसने अस्पताल के चौकीदार को गुमराह कर यूपी-112 पर फोन करवाया कि उसका अपहरण हो गया है। अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। जब पुलिस ने बारीकी से छानबीन की और दोनों पक्षों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की, तो अपहरण की बात पूरी तरह झूठी निकली।
सीओ बिधूना पी. पुनीत मिश्र ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से आपसी लेनदेन का विवाद है। पैसे न देने पड़े, इसलिए खुद के अपहरण की अफवाह फैलाई गई थी। झूठी सूचना देकर पुलिस को परेशान करने और सरकारी तंत्र का समय बर्बाद करने के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

