विकसित उत्तराखंड का विजन: नीति आयोग में धामी ने रखा नॉलेज, वेलनेस और ग्रीन ग्रोथ का रोडमैप

पूजा भट्ट

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के विकास का विजन देश के सामने रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को नॉलेज बेस्ड इकोनॉमी, वेलनेस इकोनॉमी और सतत विकास के राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तराखंड का विकास केवल पारंपरिक संसाधनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्राकृतिक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, योग-वेलनेस, पर्यटन और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों को भविष्य की आर्थिक ताकत के रूप में विकसित किया जा रहा है। उनका कहना था कि ‘विकसित उत्तराखंड’ का विजन सीधे ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय संकल्प से जुड़ा है।

धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड को देश की पर्यावरणीय और आध्यात्मिक धरोहरों के संरक्षण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। हिमालय, गंगा, यमुना और राज्य के वन क्षेत्र केवल प्रदेश की नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य संपदा हैं।

उन्होंने हिमालयी राज्यों के लिए जलवायु परिवर्तन, पारिस्थितिकी संरक्षण, आपदा प्रबंधन, कार्बन न्यूट्रैलिटी, ग्रीन एनर्जी और पर्वतीय इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे विषयों पर विशेष नीति समर्थन और दीर्घकालिक वित्तीय सहयोग की आवश्यकता बताई।

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की सुशासन और तकनीकी नवाचार से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देवभूमि परिवार पहचान योजना, खनन क्षेत्र में डिजिटल मॉनिटरिंग और भूमि उपयोग परिवर्तन प्रक्रिया के ऑनलाइन सरलीकरण जैसे कदमों से शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनी है।साथ ही महिला सशक्तीकरण और प्रशासनिक सुधारों को भी विकास मॉडल का अहम हिस्सा बताया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। इससे एक ओर पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल रही है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अमृतकाल के लक्ष्यों को हासिल करते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति और मजबूत करेगा, और उत्तराखंड भी इस राष्ट्रीय लक्ष्य में अपनी पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान देता रहेगा।

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