उत्तराखंड में मौसम का कहर: बर्फबारी और ऑरेंज अलर्ट

आयुषी

उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने अप्रत्याशित करवट ली है। जून के महीने में जहां मैदानी क्षेत्रों में लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं, वहीं राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी ने सर्दियों का अहसास करा दिया है। विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड का माहौल बन गया है।बर्फबारी के बाद बदरीनाथ और हेमकुंड की चोटियां एक बार फिर सफेद चादर से ढक गई हैं।

मौसम के इस बदलाव ने श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और पर्यटकों को हैरान कर दिया है। जून में बर्फबारी का यह नजारा जहां प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है, वहीं यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त सावधानी की जरूरत भी बढ़ गई है।मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश के पर्वतीय जिलों में मौसम का मिजाज फिलहाल अस्थिर बना रहेगा। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग ने पहले ही 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई थी। अब बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी ने इस पूर्वानुमान को सही साबित कर दिया है। बर्फबारी के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है।इस बीच, उत्तराखंड की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मसूरी में भी मौसम ने अचानक करवट ली। गुरुवार शाम हुई बारिश के बाद शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लंबे समय बाद लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि अचानक हुई बारिश ने माल रोड और अन्य पर्यटन स्थलों पर घूम रहे पर्यटकों को कुछ समय के लिए परेशानी में डाल दिया। बारिश से बचने के लिए पर्यटक दुकानों, होटलों और शेडों में शरण लेते नजर आए। बारिश थमने के बाद मौसम सुहावना हो गया और पहाड़ों पर छाए बादलों ने प्राकृतिक सौंदर्य को और निखार दिया।

बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को मौसम विभाग और प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के कारण यात्रियों को गर्म कपड़ों के साथ यात्रा करने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। प्रशासन भी यात्रा मार्गों पर मौसम की स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके।विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश और बर्फबारी जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत पहुंचा रही है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाओं और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बढ़ गई है।

पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों और श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।जून में बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में हुई बर्फबारी ने एक बार फिर उत्तराखंड के मौसम की अनिश्चितता को उजागर कर दिया है। पहाड़ों पर लौटी ठंड और बदलते मौसम ने जहां प्राकृतिक सौंदर्य को नया रूप दिया है, वहीं लोगों को यह भी याद दिलाया है कि हिमालयी क्षेत्रों में मौसम कब करवट बदल ले, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं है।

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