उत्तराखंड में कांग्रेस का बड़ा दांव, राहुल गांधी भरेंगे चुनावी हुंकार

आयुषी

उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने जा रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी करीब चार साल बाद उत्तराखंड दौरे पर आने की तैयारी में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी कुमाऊं और गढ़वाल मंडल में बड़ी जनसभाओं को संबोधित करेंगे, जिसे आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिहाज से कांग्रेस का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।कांग्रेस संगठन इस दौरे को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। प्रदेश स्तर से लेकर जिला इकाइयों तक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की रैलियों के जरिए कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं, महिला सुरक्षा और किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की रणनीति बना रही है।

राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय बाद किसी बड़े राष्ट्रीय नेता के उत्तराखंड दौरे से संगठन में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रदेश कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी का यह दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए “बूस्टर डोज” साबित होगा।प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी लगातार बैठकें कर रहे हैं और रैली स्थलों, भीड़ प्रबंधन और जनसंपर्क अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी अपने उत्तराखंड दौरे के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोल सकते हैं। खासकर महंगाई, युवाओं की नौकरी, अग्निपथ योजना, पलायन और पर्यटन व्यवस्थाओं को लेकर बीजेपी को घेरने की तैयारी है।वहीं बीजेपी भी राहुल गांधी के दौरे को हल्के में नहीं ले रही। पार्टी नेताओं का कहना है कि कांग्रेस जनता का भरोसा पहले ही खो चुकी है और राहुल गांधी का दौरा केवल राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश है।

राहुल गांधी के संभावित उत्तराखंड दौरे ने प्रदेश की राजनीति को समय से पहले गर्मा दिया है। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि राहुल गांधी अपनी सभाओं में उत्तराखंड की जनता को कौन सा नया राजनीतिक संदेश देते हैं और कांग्रेस इस दौरे को कितना बड़ा जनसमर्थन दिला पाती है।

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