पूजा भट्ट
जून महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई अहम वित्तीय और उपभोक्ता नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों का असर आम लोगों, कारोबारियों और डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला है। महीने के पहले दिन जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, वहीं मारुति सुजुकी ने अपनी कई कारों की कीमतें बढ़ा दी हैं। इसके अलावा बैंकिंग, सोलर सेक्टर और यूपीआई भुगतान व्यवस्था से जुड़े नियमों में भी बदलाव लागू हो गए हैं।
कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा
हर महीने की तरह जून की शुरुआत में भी तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी की नई कीमतें जारी की हैं। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए हैं।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 42 रुपये महंगा होकर 3113.50 रुपये का हो गया है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत में 52.50 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2026 में यह कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सातवीं मूल्य वृद्धि मानी जा रही है।ईसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने एलपीजी और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) दोनों कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए हैं। नए नियम के अनुसार जिन घरों में पीएनजी कनेक्शन सक्रिय हो चुका है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
मारुति सुजुकी की कई कारें हुईं महंगी
देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने जून से अपनी कई लोकप्रिय कारों की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी है। कंपनी पहले ही कीमतें बढ़ाने की घोषणा कर चुकी थी और अब नई दरें प्रभावी हो गई हैं।ऑल्टो, ब्रेजा, इनविक्टो समेत कई मॉडलों की कीमतों में संशोधन किया गया है। कंपनी के मुताबिक अलग-अलग मॉडल के आधार पर कीमतों में अधिकतम 30,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में नई कार खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को अब पहले से अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
HDFC बैंक ने बदले नकद जमा से जुड़े नियम
बैंकिंग क्षेत्र में भी जून से नए नियम लागू हो गए हैं। एचडीएफसी बैंक ने अपने करंट अकाउंट और कुछ अन्य खातों के लिए नकद जमा संबंधी नियमों में बदलाव किया है।बैंक की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब छोटे मूल्यवर्ग के नोटों और सिक्कों को जमा करने पर नई सीमा तय की गई है। 20 रुपये या उससे कम मूल्य के नोटों के लिए मासिक जमा सीमा 10,000 रुपये निर्धारित की गई है, जबकि सिक्कों के लिए यह सीमा 5,000 रुपये प्रति माह रखी गई है।यदि ग्राहक निर्धारित सीमा से अधिक नकद जमा करते हैं, तो अतिरिक्त राशि पर 2 प्रतिशत का शुल्क लगाया जाएगा। यह शुल्क केवल तय सीमा से अधिक जमा की गई रकम पर लागू होगा।
सोलर पैनल सेक्टर में नया नियम लागू
सोलर ऊर्जा क्षेत्र में भी 1 जून से महत्वपूर्ण बदलाव प्रभावी हो गया है। अब सोलर पैनल और सोलर सेल के लिए एप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडल्स एंड मैन्युफैक्चरर्स (ALMM List-II) लागू कर दी गई है।इस व्यवस्था के तहत सरकारी योजनाओं और सब्सिडी आधारित परियोजनाओं में केवल उन्हीं सोलर मॉड्यूल और सेल का उपयोग किया जा सकेगा, जो अधिकृत सूची में शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करना है। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के चलते सोलर पैनलों की लागत में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
UPI ट्रांजैक्शन में मिलेगा अतिरिक्त सुरक्षा फीचर
डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यूपीआई सिस्टम में नया बदलाव लागू किया है।नए नियम के तहत अब किसी भी यूपीआई भुगतान के दौरान पिन दर्ज करने से पहले लाभार्थी का बैंक खाते में दर्ज वास्तविक नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा। इस सुविधा का उद्देश्य गलत खाते में पैसे भेजने की घटनाओं को कम करना और ऑनलाइन लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाना है।इस बदलाव से उपयोगकर्ताओं को भुगतान की पुष्टि करने में आसानी होगी और गलत ट्रांसफर की संभावना काफी हद तक घट सकती है|

