छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद और पीड़िता को 10.5 लाख मुआवजा

नई दिल्ली: दिल्ली की रोहिणी अदालत ने बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने साल 2024 में एक छह वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में 67 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल सश्रम कारावास (कठोर कैद) की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय नागर ने इस मामले पर फैसला सुनाते हुए समाज को एक कड़ा संदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि समाज में इस तरह के जघन्य मामले दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में अदालत की यह जिम्मेदारी है कि वह समाज को एक मजबूत संदेश दे कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना जब हुई थी, तब पीड़िता की उम्र महज 6 साल थी और दोषी की उम्र 65 वर्ष थी। अदालत ने आरोपी को पहले ही भारतीय दंड संहिता (IPC) की बलात्कार से जुड़ी धाराओं और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की धारा 5(M) के तहत दोषी करार दे दिया था, जो 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची पर आक्रामक यौन हमले से संबंधित है।

अब अदालत ने पॉक्सो कानून की धारा 6 के तहत दोषी को 20 साल की जेल के साथ-साथ 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा, कोर्ट ने पीड़िता के पुनर्वास, सामाजिक एकीकरण और भविष्य को मानसिक तनाव व आघात से मुक्त बनाने के लिए 10.5 लाख रुपये का वित्तीय मुआवजा देने का भी आदेश जारी किया है।

Back To Top