दक्षिणी दिल्ली। महरौली थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने 1,500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में आरोपी कैब चालक बाशु कुमार सिंह की गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बच्ची के शव को गुरुग्राम के जंगल में तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश के दौरान आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस वहां गिर गया था। बाद में यह लाइसेंस मामले में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया।
आरोपपत्र के अनुसार, आरोपी बच्ची का अपहरण करने से करीब एक घंटे पहले छतरपुर एक्सटेंशन पहुंचा था। उसने उस फुटपाथ के पास से वाहन निकाला, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी। इसके बाद वह कई घंटे इलाके में घूमता रहा और दो राइड भी रद कर दीं।
करीब तड़के 4:15 बजे आरोपी ने बच्ची को उठा लिया। बच्ची के मदद के लिए चिल्लाने पर उसके पिता की नींद खुल गई। उन्होंने कुछ दूरी तक वाहन का पीछा किया, लेकिन आरोपी को पकड़ नहीं सके।
पुलिस के मुताबिक, गुरुग्राम से आने के बाद आरोपी संगम विहार में एक यात्री को छोड़ चुका था। इसके बाद करीब ढाई घंटे में उसने दो अन्य राइड रद कीं और दूसरी सवारी लेने के बजाय उसी इलाके में घूमता रहा, जहां से बाद में बच्ची का अपहरण किया गया।
आरोपपत्र के अनुसार, मंडी गांव के पास वाहन में बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद आरोपी गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर गया और जंगल में बच्ची की हत्या कर शव को छिपाने की कोशिश की। आरोपपत्र में मौत का कारण गला घोंटना और मुंह दबाना बताया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गमछे से बच्ची का गला घोंटा था, जिसे बाद में घटनास्थल से बरामद किया गया।
आरोपपत्र में 89 पन्नों का मुख्य विवरण भी शामिल है। इसमें आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते और जंगल में शव मिलने वाली जगह की तस्वीरें शामिल हैं। इसके अलावा एएनपीआर कैमरों से मिली आरोपी की कार की तस्वीरें भी आरोपपत्र का हिस्सा हैं। इनमें दर्ज सटीक समय के आधार पर पुलिस ने अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाया।

