बदायूं में 200 करोड़ की चिटफंड ठगी का खुलासा, फरार संचालक भाई गिरफ्तार; 50-50 हजार का था इनाम

बदायूं। अमर ज्योति चिटफंड कंपनी के जरिए जिले में 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित ठगी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे कंपनी संचालक भाइयों शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को दोनों को दबोचा। दोनों आरोपितों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मंगलवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

पुलिस के मुताबिक, बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र के कटरा चांद खां निवासी शशिकांत मौर्य, सूर्यकांत मौर्य और उनके भाई श्रीकांत मौर्य ने बदायूं में अमर ज्योति चिटफंड कंपनी का संचालन किया था। कंपनी ने जिले में 200 से अधिक एजेंट नियुक्त किए थे। इन एजेंटों के माध्यम से हजारों लोगों और सैकड़ों अधिवक्ताओं से निवेश के नाम पर रकम जमा कराई गई।

आरोप है कि कंपनी ने लोगों से 200 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जमा कराई। जब निवेशकों को रकम वापस करने का समय आया तो कंपनी बंद कर संचालक फरार हो गए। इसके बाद निवेशकों ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की। मामले में कोतवाली थाने में धोखाधड़ी, गबन और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।

पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में चार मुकदमे सामने आ चुके हैं। वहीं कंपनी से जुड़े आठ एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपित भाई लंबे समय से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण भी ले चुके थे।

कोतवाली में दर्ज मुकदमों में वांछित शशिकांत और सूर्यकांत की गिरफ्तारी के लिए एक जुलाई 2025 को डीआईजी बरेली की ओर से 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सोमवार को एसटीएफ नोएडा यूनिट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनसे ठगी की रकम और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ की जा रही है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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