झांसी- झांसी के मऊरानीपुर क्षेत्र के बरौरी गांव में रहने वाली ऊषा रायकवार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या के मामले में पुलिस ने पड़ोसी रफीक उर्फ पीर बक्श को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का दावा है कि रंजिश के चलते आरोपी ने घर में घुसकर गला घोंटकर हत्या की, जबकि परिजनों को यह कहानी अधूरी और संदिग्ध लग रही है।
हत्या की वजह बताई आपसी रंजिश
एसपी ग्रामीण डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि ऊषा गांव में अकेली रहती थी, जबकि उसका पति रामस्वरूप गुजरात में मजदूरी करता है। पुलिस के अनुसार, ऊषा और रफीक की पत्नी के बीच घरेलू मेल-जोल था। रफीक को शक था कि ऊषा उसकी पत्नी को उसके खिलाफ भड़का रही है, जिसके चलते उसकी पत्नी करीब आठ महीने पहले उसे छोड़कर मायके चली गई। इसके अलावा, ऊषा द्वारा रफीक की मां को घर बंटवाने की सलाह देने से वह और अधिक नाराज हो गया।
पुलिस का कहना है कि 30 अगस्त की रात, रफीक ने मौका पाकर ऊषा के घर में घुसकर लाल रंग के कपड़े से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, और फिर मौके से फरार हो गया। परिजनों की ओर से उस पर पहले ही शक जताया गया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में रफीक ने हत्या की बात कबूल की और उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया कपड़ा भी बरामद कर लिया गया।
सबूतों में भी कई सवाल
हत्या के बाद घटनास्थल की जांच में पुलिस को रफीक के कपड़ों पर महावर के निशान मिले। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ऊषा ने ही रफीक के लिए महावर घोली थी। छीना-झपटी के दौरान महावर गिर गई और उसके कपड़ों पर दाग लग गए। इसके अलावा, रफीक के चेहरे पर खरोंच के निशान भी पाए गए, जिससे पुलिस को संदेह और गहरा हुआ।
परिजनों को नहीं है पुलिस की कहानी पर भरोसा
हालांकि ऊषा के परिजनों ने पुलिस की इस थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। रामस्वरूप, जो हत्या के वक्त गुजरात में थे, ने बताया कि ऊषा और रफीक की पत्नी के बीच ज़्यादा मेलजोल नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रफीक अक्सर शराब पीकर ऊषा से अभद्रता करता था और ऊषा इस बारे में उन्हें बताती रहती थी।
रामस्वरूप ने कहा कि उनकी पत्नी ने पिछले साल बेटे की शादी के लिए जेवर और नकद पैसे घर पर ही रखे थे, जो अब गायब हैं। परिजनों का कहना है कि ऊषा के शरीर पर जो गहने थे, वे भी नहीं मिले हैं, लेकिन पुलिस ने इस दिशा में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। वहीं, पुलिस ने घर में चोरी की संभावना से इनकार किया है, जबकि परिजन इसे लूटपाट से जोड़कर देख रहे हैं।
मौत का मकसद अभी भी रहस्य
पुलिस का यह तर्क कि रफीक ने ऊषा को पत्नी के चले जाने का जिम्मेदार मानते हुए आठ महीने बाद हत्या की, कई लोगों के गले नहीं उतर रहा। ग्रामीणों और परिजनों का कहना है कि हत्या की टाइमिंग और तरीका संदेह पैदा करता है, और मामला सिर्फ आपसी रंजिश का नहीं लग रहा।

