देहरादून,को भारत की शिक्षा राजधानी क्यों माना जाता है?

प्रियांश कुकरेजा 

जब भी भारत में पढ़ाई के लिए सबसे अच्छी जगह की बात होती है, तो देहरादून का नाम सबसे पहले लिया जाता है। देहरादून को भारत की शिक्षा राजधानी कहा जाता है क्योंकि यहां बहुत पुराने, भरोसेमंद और शानदार स्कूल और कॉलेज हैं, जहां से पढ़कर कई बड़े और मशहूर लोग निकले हैं। देहरादून शहर पहाड़ियों के बीच बसा है, यहां का मौसम बोहत सुंदर होता है और देहरादून का हालात  पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा है। दून स्कूल, वेल्हम गर्ल्स और बॉयज़ स्कूल, मसूरी इंटरनेशनल स्कूल और ओक ग्रोव स्कूल जैसे नामी स्कूलों में राहुल गांधी, राजीव गांधी, करण थापर और विक्रम सेठ जैसे जाने माने लोग पढ़ चुके हैं। यहां फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (FRI), इंडियन मिलिट्री अकैडमी (IMA), यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज़ (UPES), ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी, (DIT) डीआईटी यूनिवर्सिटी और (IMS) यूनिसन जैसे संस्था भी हैं, जहां देश और विदेश से छात्र पढ़ने आते हैं। देहरादून एक साफ-सुथरा, शांत और सुरक्षित शहर है, जहां लाइब्रेरी, कोचिंग सेंटर, हॉस्टल और पढ़ाई के लिए हर ज़रूरी सुविधा मिलती है। मेरी नजर में देहरादून सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि ऐसी जगह है जहां पढ़ाई को बहुत अहमियत दी जाती है। यहां का हालात छात्रों को मेहनत करने, नियम का पालन करने और खुद पर भरोसा रखने की सीख देता है। अगर कोई शांति और अच्छे हालात में पढ़ाई करके अपना भविष्य बनाना चाहता है, तो देहरादून उसके लिए एक बहुत अच्छा जगह है।

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