उत्तराखंड में फिर बिगड़ सकता है मौसम का मिजाज, आपदा प्रबंधन ने दी चेतावनी

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। राज्य के कुछ हिस्सों, विशेषकर देहरादून और पिथौरागढ़ में आज हल्की बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में बादल छाए रहेंगे और कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।

सात से दस अक्टूबर के बीच मौसम अनुकूल 

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि 7 से 10 अक्टूबर के बीच मौसम में और अधिक गड़बड़ी आ सकती है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ को बताया जा रहा है, जो तेजी से सक्रिय हो रहा है और बादलों का घनत्व बढ़ा रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ क्या हैं?

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) एक मौसमीय प्रणाली है जो भारत और आसपास के क्षेत्रों में खासतौर पर सर्दियों और ट्रांजिशनल मौसम (जैसे सितंबर-अक्टूबर) के दौरान बारिश और बर्फबारी लाने के लिए जिम्मेदार होती है। पश्चिमी विक्षोभ असल में एक कम दबाव का क्षेत्र (low-pressure system) होता है जोकि भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) से उठता है फिर पश्चिम की ओर से चलते हुए ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान होते हुए उत्तर भारत जैसे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, पंजाब आदि तक पहुंचता है। जब यह सिस्टम भारत में आता है, तो यह अपने साथ ठंडी हवाएं, नमी और बादल लेकर आता है। इससे बारिश, ओलावृष्टि या ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होती है।

यात्रा करने वालों के लिए चेतावनी

इस दौरान विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और निवासियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर ध्यान दें और जोखिम वाले स्थानों से बचें। जिन क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी रहती है, वहां लोगों को खास तौर पर सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

सतर्कता और सावधानी की अपील

नदियों और नालों के पास जाने से बचें, आपदा प्रबंधन की हेल्पलाइन नंबर सुरक्षित रखें, मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी अधिकारिक अलर्ट पर ध्यान दें, आवश्यकता पड़ने पर निकासी के लिए तैयार रहें।

Back To Top