Journalist Mysterious Death Uttarkashi:उत्तरकाशी जिले में पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की रहस्यमयी मौत ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस ने डीएसपी उत्तरकाशी की अगुवाई में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। टीम अब इस पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की छानबीन की जा रही है।
क्या है मामला?
राजीव प्रताप सिंह, जो स्थानीय मीडिया में सक्रिय पत्रकार थे, 19 सितंबर 2025 को रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए थे। अगले दिन, उत्तरकाशी के पास एक नदी के किनारे उनकी कार लगभग 55 मीटर नीचे क्षतिग्रस्त हालत में मिली। कई दिनों की तलाश के बाद 28 सितंबर को उनका शव बरामद किया गया।
परिवार ने जताई थी अपहरण की आशंका
मामले की शुरुआत से ही परिवार ने इस घटना को सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने अपहरण की FIR दर्ज कराई थी और मांग की थी कि पुलिस सभी पहुलुओ से मामले की जांच करे। परिवार का आरोप है कि राजीव प्रताप कुछ संवेदनशील मामलों पर रिपोर्टिंग कर रहे थे, जो कुछ प्रभावशाली लोगों को असहज कर सकती थी। सोशल मीडिया पर उनके न्यूज़ पोर्टल Delhi Uttarakhand Live का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमे वो उत्तरकाशी के जिला अस्पताल की ऐसी बदहाली क्यों पर रिपोर्टिंग करते हुए नज़र आ रहे है।
SIT करेगी तकनीकी और फॉरेंसिक जांच
नवगठित SIT अब तक एकत्र किए गए सभी साक्ष्यों की पुन: समीक्षा करेगी। इसमें शामिल हैं, सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), तकनीकी सबूत जैसे GPS और मोबाइल लोकेशन डेटा । पुलिस सूत्रों के अनुसार, कार की टेक्निकल रिपोर्ट पहले ही आ चुकी है, लेकिन अब क्रैश इंपैक्ट एनालिसिस भी कराया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना का पैटर्न सामान्य था या कुछ और।
डीजीपी का बयान
उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने इस मामले को लेकर स्पष्ट किया कि “अब तक की जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनका गहन विश्लेषण जरूरी है। इसलिए SIT का गठन किया गया है, जो सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहरी जांच करेगी।”
दुर्घटना, आत्महत्या या साजिश?
उत्तरकाशी के स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप सिंह की मौत ने अब तक कई सवालों को जन्म दिया है। पत्नी और भाई ने CBI जांच की मांग की है, जबकि स्थानीय पत्रकार चिरंजीव सेमवाल ने भी इसे संदिग्ध मौत बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। परिवार का आरोप है कि पुलिस जांच में गंभीर खामियां हैं और कई तथ्य छिपाए जा रहे हैं। इस समय यह केस तीन संभावनाओं के बीच झूल रहा है, सड़क दुर्घटना, आत्महत्या या पूर्वनियोजित साजिश।


