मनीमाजरा के पास झाड़ियों में युवक का शव मिला, ओवरडोज से मौत की आशंका, परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के लगाए आरोप

चंडीगढ़/पंचकूला- चंडीगढ़ से सटे मनीमाजरा मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में एक युवक का शव संदिग्ध हालात में मिला है। मृतक की पहचान शिमला के संजौली निवासी 25 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है। रमेश चार बहनों का इकलौता भाई था। घटना के बाद शव को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अंततः मामला पंचकूला पुलिस के अंतर्गत आने पर कार्रवाई शुरू की गई।

सीमा विवाद में उलझी पुलिस, दो घंटे तक नहीं उठाया गया शव

स्थानीय लोगों की सूचना पर सबसे पहले चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थान पंचकूला सीमा में होने के कारण उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र पंचकूला के तहत आता है, जिसके बाद एमडीसी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 स्थित अस्पताल भेजा।

तेजाब, सीरिंज और ओवरडोज की आशंका

पुलिस को मौके से नशे में इस्तेमाल होने वाली सीरिंज मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि रमेश की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। शव की स्थिति खराब हो चुकी थी और शरीर से बदबू आ रही थी। पुलिस का कहना है कि असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों का गंभीर आरोप: पुलिस ने नहीं की मदद

मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि रमेश के नाक से खून बह रहा है और वह मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलने पर वे मनीमाजरा थाने पहुंचे, लेकिन थाने से कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं गया। परिवार खुद लोगों से पूछताछ करते हुए रमेश के शव तक पहुंचे।

उनका कहना है कि पुलिस ने न तो घटना की डीडीआर दर्ज की और न ही जीरो एफआईआर लेकर जांच शुरू की, जबकि ऐसा किया जा सकता था। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया, जिसके बाद मनीमाजरा थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि एसएचओ ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है।

दोस्तों से होगी पूछताछ, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

परिवार ने बताया कि रमेश कबाड़ बेचने के काम से गाड़ी लेकर शिमला से मनीमाजरा आया था। 25 अगस्त को वह अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने एक मैकेनिक के पास गया था, जहां उसके परिचित मन्नू और चक्सू भी मौजूद थे। दोनों संजौली निवासी हैं और कथित तौर पर चंडीगढ़ किसी काम से आए थे।

रमेश की आखिरी बार बात उसकी बड़ी बहन डॉली से 26 अगस्त की रात करीब 8 बजे हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बजता रहा लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में पुलिस को रमेश का मोबाइल उसकी जेब में मिला, जिसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि रमेश की हालत को लेकर मन्नू ने अपने एक दोस्त सूरज को जानकारी दी, जिसने रमेश के भांजे मनोज को बताया कि रमेश नाक से खून बहने की हालत में मोटर मार्केट की झाड़ियों में पड़ा है। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि तत्काल पुलिस को कॉल क्यों नहीं की गई।

रकम का हिसाब भी जांच के दायरे में

मृतक को उसके वाहन मालिक द्वारा 20 से 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिनका अभी कोई अता-पता नहीं है। यह रकम कहां गई और किन परिस्थितियों में खर्च हुई, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

एमडीसी थाने के एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के दोस्तों मन्नू और चक्सू से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रमेश की मौत कैसे हुई और वह झाड़ियों में कैसे पहुंचा।

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