नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राजधानी दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस को लाल किले परिसर में दो पुराने कारतूस और एक सर्किट बोर्ड मिला है। इन सामग्रियों की बरामदगी के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली है और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि सर्किट बोर्ड किसी पुराने लाइटिंग कार्यक्रम में इस्तेमाल किया गया होगा, जबकि दोनों कारतूस डैमेज हालत में पाए गए हैं।
डमी बस बिना रोक-टोक घुसी, पुलिसकर्मी निलंबित
इससे पहले, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा जांच के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई थी। बीते सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से भरी एक डमी बस लाल किले में बिना किसी जांच के दाखिल हो गई, जबकि वहां तैनात पुलिसकर्मी सोते रह गए। घटना का पता चलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
घटना के बाद उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। बाद में पता चला कि यह एक मॉक ड्रिल थी, जो स्पेशल सेल द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, इससे लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा हो गया है।
बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार
उक्त घटनाओं के बाद सुरक्षा को और कड़ा करते हुए पुलिस ने उसी दिन लाल किले में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि ये सभी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और इनके पास से फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए। पुलिस ने इन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया है और इन्हें बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सुरक्षा समीक्षा के आदेश
इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त ने लाल किले की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को नई सुरक्षा योजना तैयार करने और सुरक्षा घेरे को और सख्त बनाने के निर्देश दिए हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले इस तरह की घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही हैं।


