International Ozone Layer Preservation Day: ओज़ोन परत हमारी पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से बचाती है। यह एक नाज़ुक लेकिन बेहद महत्वपूर्ण गैसीय परत है, जो पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है और आज हम इसी परत के दुश्मन बन चुके हैं, इसका सबसे बड़ा प्रमाण है हमारी दिनचर्या। विज्ञान से वैश्विक कार्रवाई तक थीम 2025 को साकार करे हम, आओं मिलकर पृथ्वी की जीवनरक्षक बनाए हम।
ओज़ोन परत क्या है?
ओज़ोन परत वायुमंडल के समताप मंडल (Stratosphere) में स्थित है। इसमें ऑक्सीजन के तीन परमाणुओं (O3) से बनी गैस हाई कंसंट्रेशन में पाई जाती है। जब ओज़ोन परत समताप मंडल में होती है, तब यह हमें सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है। लेकिन जब यह पृथ्वी की सतह के नज़दीक यानी क्षोभ मंडल (Troposphere) में होती है, तो यह प्रदूषक के रूप में काम करती है और पौधों, जानवरों और मनुष्यों के लिए हानिकारक बन जाती है।
ओज़ोन परत में छेद और उसके दुष्प्रभाव
वैज्ञानिकों ने पाया है कि पोलर रीजन , विशेषकर अंटार्कटिका और आर्कटिक के ऊपर, ओज़ोन परत में छेद मौजूद है। वसंत ऋतु के दौरान यह छेद और बड़ा हो जाता है, जिससे सूर्य की खतरनाक पराबैंगनी किरणें सीधे पृथ्वी तक पहुँचती हैं। इसके कारण त्वचा कैंसर, आँखों में मोतियाबिंद, रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी, वनस्पति और समुद्री जीवन पर दुष्प्रभाव जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
ओज़ोन परत को नुकसान पहुँचाने वाले प्रमुख कारक
मानव गतिविधियाँ इस समस्या को और बढ़ाती हैं। इनमें प्रमुख हैं, CFCs (क्लोरोफ्लोरोकार्बन), हैलोजेनेटेड हाइड्रोकार्बन, नाइट्रस ऑक्साइड, मीथाइल ब्रोमाइड ये गैसें वातावरण में पहुँचकर ओज़ोन अणुओं को नष्ट करती हैं और छेद को बड़ा करती हैं।
ओज़ोन परत संरक्षण दिवस का इतिहास
16 सितंबर 1987 को “मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल” पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसी को स्मरण करते हुए हर वर्ष 16 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 1994 में इस दिन को आधिकारिक मान्यता दी। इसका उद्देश्य है, ओज़ोन परत के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना,समाधान तलाशना और पर्यावरण हितैषी नीतियों को बढ़ावा देना
हम सबके छोटे पर महत्वपूर्ण कदम
हर व्यक्ति अपनी ओर से छोटे-छोटे कदम उठाकर ओज़ोन परत की रक्षा में योगदान दे सकता है:
वाहन का कम से कम प्रयोग करें, पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें।
कारपूलिंग को बढ़ावा दें। कारपूलिंग का मतलब है जब भी आप किसी सफ़र में गाड़ी चलाकर जाए तो अकेले कभी न जाए, सभी को साथ लेकर जाए इससे खर्चा भी बटेगा और पृथ्वी को जो क्षति पहुच रही है उसमे कमी आयगी।
ऐसे घरेलू और सफाई उत्पाद चुनें जिनमें हानिकारक रसायन न हों। हमारे आस पास केमिकल उत्पादों का भंडार है ऐसे में आर्गेनिक प्रोडक्ट्स को ढूँढना चुनौती तो है पर मुश्किल नहीं।
स्थानीय उत्पादों को खरीदें ताकि लंबी दूरी तक माल ढुलाई से होने वाले प्रदूषण को कम किया जा सके।
ओज़ोन को नुकसान पहुँचाने वाली गैसों वाले प्रोडक्ट्स जैसे एरोसोल स्प्रे से बचें।
ओज़ोन परत पृथ्वी की प्राकृतिक ढाल है। यदि यह कमजोर हुई तो न केवल मानव जीवन बल्कि पूरा इकोसिस्टम संकट में पड़ सकता है। अंतर्राष्ट्रीय ओज़ोन परत संरक्षण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। आइए, हम सब मिलकर इस जीवनदायिनी परत की रक्षा का संकल्प लें। हम सबका कर्तव्य हैं कि आने वाले समय में पृथ्वी को हो रहे नुकसान में कमी लाई जाए।

